उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किया राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय शिविर का शुभारंभ
नेशनल यूथ कॉम्प्लेक्स में 28 जनवरी से 3 फरवरी तक एनएसएस के आवासीय शिविर का आयोजन
जिला एनएसएस इकाई के संयोजन में भारत स्काउट एंड गाइड नेशनल यूथ कॉम्प्लेक्स गदपुरी में 28 जनवरी से 3 फरवरी तक एनएसएस का राज्य स्तरीय शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें करीब 200 छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इनमें मेजबान पलवल सहित नूंह, फरीदाबाद और गुरूग्राम के विद्यार्थी शामिल हैं।
पलवल :नेशनल यूथ कॉम्प्लेक्स गदपुरी में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय आवासीय शिविर का बतौर मुख्यातिथि शुभारंभ करते हुए उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एनएसएस सरीखी गतिविधियों में हिस्सा लेना जरूरी है। उन्होंने शिविरार्थियों को विशेष रूप से सिविल डिफेंस ट्रेनिंग और डिजिटल लिटरेसी का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिला एनएसएस इकाई के संयोजन में भारत स्काउट एंड गाइड नेशनल यूथ कॉम्प्लेक्स गदपुरी में 28 जनवरी से 3 फरवरी तक एनएसएस का राज्य स्तरीय शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें करीब 200 छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इनमें मेजबान पलवल सहित नूंह, फरीदाबाद और गुरूग्राम के विद्यार्थी शामिल हैं। शिविर के शुभारंभ समारोह में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने इस प्रकार के आयोजनों के महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि वे छात्र जीवन में वे स्वयं भी एनएसएस और एनसीसी के छात्र रहे हैं। हर विद्यार्थी को एनएसएस अथवा एनसीसी का छात्र बनना चाहिए। महज एक सप्ताह के कैंप के माध्यम से इतना कुछ सीखने को मिलता है जितना सीमित दायरे में वर्षभर पढ़ाई करने से भी नहीं सीखा जा सकता।
उपायुक्त डा. वशिष्ठ ने कहा कि उन्होंने शिविरार्थियों के लिए सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग की व्यवस्था करवाई है, जिसे गंभीरता से सीखने की जरूरत है। पहलगाम जैसी घटनाओं में स्वयं की व दूसरों की रक्षा के लिए इस प्रकार की ट्रेनिंग बहुत कारगर साबित होती है। इसलिए सरकार ने युवाओं को सिविल डिफेंस में दक्ष बनाने की दिशा में सफल कदम बढ़ाये हैं। एनएसएस के नोट मी बट यू के संदेश को चरितार्थ करने में यह प्रशिक्षण अत्यधिक कारगर सिद्ध होगा। युवाओं को हर प्रकार की स्थिति में स्वयं को खड़ा करके आकलन करना चाहिए, कि वे यदि यहां होते तो क्या करते। उन्होंने युवाओं को संवेदनशीलता व मानवीय गुणों को धारण कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि इस प्रकार की अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की 70 प्रतिशत तैयारी संभव हो जाती है। उन्होंने आयोजकों का आह्वान किया कि वे हर प्रतिभागी से स्टेज परफॉर्मेंस अवश्य करवायें, ताकि उनके अंदर से मंच का भय दूर हो सके। उन्होंने कहा कि एनएसएस की इस वर्ष की थीम यूथ फोर माई भारत एवं यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी है। इसलिए प्रतिभागियों को डिजिटल लिटरेसी का प्रशिक्षण अवश्य दिलवायें। युवाओं को एआई, चैट जीपीटी व इंटरनेट की विभिन्न विधाओं में दक्षता हासिल करनी चाहिए। पर्सनालिटी डेवलपमेंट में इस प्रकार के शिविरों की मुख्य भूमिका रहती है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर कदम बढ़ायें।
इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी दयानंद रावत ने उपायुक्त का स्वागत करते हुए उनके व्यक्तित्व का परिचय करवाया। साथ ही एनएसएस इकाई पलवल के जिला संयोजक सजल सिंह ने विस्तृत रूप में सात दिवसीय कैंप की गतिविधियों की जानकारी दी। मंच का संचालन कुशलतापूर्वक एनएसएस इकाई नूंह के जिला संयोजक अशरफ मेवाती ने किया। शिविर के शुभारंभ समारोह में कार्यक्रम अधिकारियों व प्रतिभागी छात्राओं ने मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी, जिनमें दिनेश सैनी ने स्वागत गीत के साथ देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से परिसर को देशभक्ति के रंग से सराबोर कर दिया।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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