Gurugram News: पुरानी रंजिश में 39 वर्षीय महेंद्र की गोली मारकर हत्या, पांच आरोपी गिरफ्तार
बसई रोड पर एनके फैक्ट्री के पास गुरुवार सुबह बाइक सवार बदमाशों ने 39 वर्षीय महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। गुरुग्राम पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुरुग्राम: बसई रोड पर एनके फैक्ट्री के पास गुरुवार सुबह बाइक सवार बदमाशों ने 39 वर्षीय महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। गुरुग्राम पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात 2025 में हुई एक हत्या का बदला लेने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा थी। आरोपियों ने महेंद्र के साथ उसके बेटे को भी निशाना बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन हमले में महेंद्र की ही मौत हुई।

पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर की सुबह सेक्टर-9ए थाना पुलिस को रवि नगर के पास एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना मिली थी। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके और अस्पताल पहुंची। घटनास्थल पर क्राइम सीन और फिंगरप्रिंट टीम ने जांच कर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस को दी शिकायत में महेंद्र के बेटे ने बताया कि वह सुबह करीब 9:20 बजे अपने पिता के साथ बाइक पर बसई से सदर बाजार की तरफ जा रहा था। कृष्णा नगर में एनके फैक्ट्री के पास पीछे से बाइक पर आए तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया। इसी दौरान एक युवक ने महेंद्र पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी हालत बिगड़ गई।
मामले में सेक्टर-9ए थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों की तलाश शुरू की। क्राइम ब्रांच सेक्टर-10 की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 10 सितंबर को परनव परासर उर्फ छोटी (20) और उसके पिता प्रवीण परासर (45) को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बिपरावली गांव के रहने वाले हैं और फिलहाल गुरुग्राम की देवी लाल कॉलोनी में रह रहे थे।
वहीं, क्राइम ब्रांच सेक्टर-40 की टीम ने 11 सितंबर को देव शर्मा उर्फ केम्टी (22), अंकित उर्फ बंटी (19) और उत्सव (19) को गिरफ्तार किया। देव मूल रूप से पीलीभीत के पूरनपुर का रहने वाला है और सेक्टर-9 में रह रहा था। अंकित बसई का रहने वाला है, जबकि उत्सव मूल रूप से बिहार के लखीसराय जिले के खुटाहा का निवासी है और गुरुग्राम की भवानी एन्क्लेव में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को घेरने के दौरान उन्होंने गढ़ी हरसरू के पास बाइक छोड़कर भागने की कोशिश की। पीछा करते समय देव और अंकित एक गड्ढे में गिर गए, जिससे दोनों के पैरों में फ्रैक्चर हो गया।
बेटे की हत्या का बदला लेने की थी साजिश
पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। जांच के अनुसार, प्रवीण परासर के दूसरे बेटे पर्व उर्फ बड़ी की 2025 में हत्या हुई थी। इस मामले में महेंद्र के बेटे की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद प्रवीण ने अपने बेटे पर हुए हमले का बदला लेने की योजना बनाई।
आरोप है कि प्रवीण और उसके बेटे परनव ने देव, अंकित और उत्सव के साथ मिलकर महेंद्र और उसके बेटे की हत्या की साजिश रची। पुलिस का दावा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार और पैसे भी उपलब्ध कराए गए थे। हमले के दौरान देव ने महेंद्र पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई।
देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल बाइक के अलावा एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आया और इस पूरी साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए हत्या के लिए हुए पैसों के लेन-देन और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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