Gurugram News: गुरुग्राम में तेजी बढ़ रहे बुखार के मरीज, 24 घंटे में डेंगू के तीन नए मरीज मिले, जुलाई की तुलना में अगस्त में आए दस गुना मरीज
गुरुग्राम में डेंगू का डंक तेजी से बढ़ रहा है। पिछले तीन दिन में ही डेंगू के सात मरीज सामने आ चुके हैं जबकि जुलाई महीने में गुरुग्राम में कुल तीन मरीज ही सामने आए थे।
गुरुग्राम: गुरुग्राम में डेंगू का डंक तेजी से बढ़ रहा है। पिछले तीन दिन में ही डेंगू के सात मरीज सामने आ चुके हैं जबकि जुलाई महीने में गुरुग्राम में कुल तीन मरीज ही सामने आए थे। अब हालात ये है कि प्राइवेट अस्पतालों से लेकर नागरिक अस्पतालों में भी बुखार के मरीज बड़ी संख्या में ओपीडी पहुंच रहे हैं। बेशक, अभी तक डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है, लेकिन रोजाना औसतन दो से तीन मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर भी अलर्ट जारी किया हुआ है। जिला में अभी तक स्वाइन फ्लू के 12 मरीज मिले हैं, लेकिन गंभीर लक्षण वाले मरीजों की तुरंत जांच करने और ईलाज देने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

गुरुग्राम में डेंगू के मरीजों की संख्या अभी तक 40 है, लेकिन जनवरी से 31 जुलाई तक जहा 3860 बुखार के मरीजों की डेंगू की जांच की गई थी, वहीं अगस्त महीने के 30 दिन में ही 4450 मरीजों की डेंगू की जांच की गई है। जिनमें से 33 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। रविवार को भी डेंगू के संदिग्ध 219 मरीजों के सेंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार मलेरिया के जनवरी से लेकर अब तक पांच मरीज मिल चुके हैं, जबकि पिछले कई साल से मलेरिया के मरीज एक या दो ही मरीज मिलते थे। वहीं बारिश के मौसम के बीच सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पिछले करीब तीन सप्ताह से लगातार चल रही है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है, जिससे मच्छरजनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
फ्लू को गंभीरता से लेकर कराएं ईलाज
नागरिक अस्पताल के डॉक्टर नवीन कहते हैं कि ज्यादातर लोगों में फ्लू का संक्रमण बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षणों के साथ ठीक हो सकता है, लेकिन हर मरीज में बीमारी का असर एक जैसा नहीं होता। कुछ मामलों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया का कारण बन सकता है। ऐसा उन लोगों में होता है, जो फ्लू के लक्षण दिखने पर भी ईलाज नहीं कराते हैं या जिनको पहले से ही लंग्स में कोई खतरनाक बीमारी होती है। ऐसे में अगर किसी को सांस लेने में तकलीफ, लगातार बढ़ता बुखार या हालात बिगड़ने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसे गंभीरता से लेकर ईलाज कराना चाहिए।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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