Gurugram News: करीब दो हजार प्रतिष्ठानों की नहीं है फायर एनओसी! -- फायर डिपार्टमेंट की ओर से शहर भर के होटल, रेस्टोरेंट और नाइट क्लब के अलावा बड़ी इमारतों का किया जा रहा है सर्वे

अब तक 650 का सर्वे पूरा, 200 को नोटिस

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खबर चौंकाने वाली है लेकिन इस वैश्विक शहर की यही हकीकत बयां की जा रही है। यहां बड़े बड़े नामचीन होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार तथा नाइट क्लब है। अपने खास अंदाज और नाइट कल्चर के लिए पूरे एनसीआर ही नहीं, देश भर में अपनी अलग पहचान रखने वाले गुरुग्राम शहर बड़े खतरे के मुहाने पर खड़ा है।

 गुरुग्राम: खबर चौंकाने वाली है लेकिन इस वैश्विक शहर की यही हकीकत बयां की जा रही है। यहां बड़े बड़े नामचीन होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार तथा नाइट क्लब है। अपने खास अंदाज और नाइट कल्चर के लिए पूरे एनसीआर ही नहीं, देश भर में अपनी अलग पहचान रखने वाले गुरुग्राम शहर बड़े खतरे के मुहाने पर खड़ा है। एक आंकड़े के अनुसार यहां करीब दो हजार प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी ही नहीं है। यह खुलासा खुद फायर डिपार्टमेंट आंकड़े बयां कर रहे हैं। 
 
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बीते दिनों दिल्ली के मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में हुई आगजनी की घटना के बाद चौकन्ना हुए फायर डिपार्टमेंट ने खतरे को भांपते हुए जब शहर के तमाम प्रतिष्ठानों की जांच की तो यह बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले दिनों फायर विभाग की टीमों ने होटल, रेस्टोरेंट, पब-बार, नाइट क्लब, पीजी व गेस्ट हाउस में ऑडिट व सर्वे का काम शुरू किया है। सातों फायर स्टेशन की टीमों द्वारा बीते एक माह के दौरान करीब 650 इमारतों का सर्वे किया गया है। सर्वे के दौरान फायर सुरक्षा मानकों में कमियां पाई जा रही हैं। ऐसे में जिला फायर विभाग की ओर से करीब 200 इमारतों के मालिकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।  जिले में सेक्टर-29, सेक्टर-37, भीमनगर, उद्योग विहार, मानेसर, पटौदी और सोहना स्थित फायर स्टेशन की टीमें अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिष्ठानों में लगे फायर सेफ्टी संसाधनों का ऑडिट कर रही हैं। 
 
आंकड़े बयां कर रहे हकीकत 
फायर विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में 966 रेस्टोरेंट हैं, जिसमें से सिर्फ 480 के पास ही फायर एनओसी है। जबकि 486 रेस्टोरेंट के पास एनओसी नहीं है। शहर के बड़े 59 होटलों में से 47 के पास फायर एनओसी है व 12 होटलों के संचालक अपनी एनओसी संबंधी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। 930 नाइट क्लबों में से सिर्फ 475 नाइट क्लबों के पास ही फायर एनओसी है। इसके अलावा 800 से अधिक हाईराइज इमारतों के पास फायर एनओसी नहीं है। 
पीजी व गेस्ट हाउस का रिकॉर्ड ही नहीं 
 
जिले में संचालित पीजी व गेस्ट हाउस की पूरी संख्या का पूरा रिकॉर्ड अभी जिला फायर विभाग के पास नहीं है। वर्तमान में चल रहे ऑडिट व सर्वे के दौरान पीजी व गेस्ट हाउस का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है। सर्वे के दौरान रिपोर्ट तैयार की जा रही है कि गुरुग्राम में कितने पीजी व गेस्ट हाउस संचालित हैं। इनमें कितने फायर विभाग के दायरे में हैं और कितने अन्य विभागों के दायरे में आते हैं। सर्वे करने के बाद ही जिले में संचालित सभी पीजी व गेस्ट हाउस की संख्या का पता चल सकेगा। 
 
 इन सुरक्षा मानकों की हो रही है जांच 
ऑडिट के दौरान फायर विभाग की टीमें इमारतों व प्रतिष्ठानों में आग बुझाने संबंधी संसाधन व उपकरण, प्रवेश व निकासी प्वाइंट, हॉल या परिसर में लोगों की संख्या अनुसार व्यवस्था सहित अन्य मानकों का आकलन कर रही हैं। इमारतों में फायर एक्सटिंग्विशर के साथ ही ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर व स्मोक डिटेक्टर सिस्टम, वेंटिलेशन की व्यवस्था सहित अन्य मानक देखे जा रहे हैं। 
 
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ऑडिट के दौरान इमारतों में फायर सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। जिन इमारतों में तय मानकों को पूरा नहीं किया है, उनको नोटिस जारी किए जा रहे हैं। 
 
नरेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिकारी, जिला फायर विभाग, गुरुग्राम
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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।

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