हरियाणा में स्टिल्ट+4 पर सख्त प्रहार, नए आदेश के साथ तुरंत एक्शन के निर्देश
रिहायशी कालोनी एवं सेक्टरों में राइट आफ वे के अतिक्रमण पर चलेगा पीला पंजा
हरियाणा सरकार ने स्टिल्ट+4 फ्लोर पॉलिसी को लेकर एक नया सख्त आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुग्राम: हरियाणा सरकार ने स्टिल्ट+4 फ्लोर पॉलिसी को लेकर एक नया सख्त आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के तहत सभी सम्बंधित विभागों को रिहायशी कालोनी एवं सेक्टरों की गलियों में सड़कों के दोनों तरफ राइट आफ वे में पसरे अतिक्रमण की सफाई करनी होगी। यह आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2 अप्रैल 2026 के अंतरिम फैसले के बाद जारी किया गया है जिसमें राज्य को इस पॉलिसी को आगे बढ़ाने से रोक दिया गया था। आदेश के साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि अब अवैध निर्माण और अतिक्रमण के विरूद्ध पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार अलर्ट
स्टिल्ट+4 निर्माण को लेकर दायर कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को अंतरिम आदेश पारित किया था। इसमें 2 जुलाई 2024 की अधिसूचना के प्रभाव और क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गई। इसके बाद से ही राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागों को एक्टिव मोड में ला दिया है।
अवैध निर्माण और कब्जों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
-- नए आदेश में साफ कहा गया है कि दो मुद्दों पर तुरंत फोकस किया जाए जिसमे सड़कों के अधिकार क्षेत्र (राइट आफ वे) पर अतिक्रमण और स्टिल्ट फ्लोर में हो रहा अवैध उपयोग।
-सभी नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और शहरी निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि
सड़कों के किनारे बनाए गए ग्रीन एरिया, लॉन और बाउंड्री वॉल जैसे अतिक्रमण तुरंत हटाए जाए।
-स्टिल्ट फ्लोर में चल रही अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
-नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना देरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गुरुग्राम समेत कई शहरों में बड़ा असर
इस आदेश का सीधा असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत पंचकूला सहित कई शहरो में देखने को मिलेगा। इन शहरों में पहले से ही स्टिल्ट+4 निर्माण तेजी से बढ़ रहा था, ऐसे में अब प्रशासनिक कार्रवाई के चलते बिल्डरों और प्रॉपर्टी मालिकों में हलचल तेज हो गई है। बड़े स्तर पर सीलिंग और डेमोलिशन की तैयारी भी मानी जा रही है।
22 अप्रैल तक देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने सभी संबंधित विभागों को 22 अप्रैल 2026 तक कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि इस बार कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर भी सख्ती देखने को मिलेगी।

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