Mewat Nuh News: मेवात के 60 गांव साइबर अपराध के हॉटस्पॉट घोषित, सरपंचों को नोटिस — पुलिस ने मांगा जनसहयोग

फोटो मीडिया को जानकारी देते एडिशनल एसपी शशि शेखर

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नूंह जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त और व्यापक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। साइबर अपराध की गतिविधियों के आधार पर जिले के 60 गांवों को ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया है। 

मेवात/नूंह:  नूंह जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त और व्यापक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। साइबर अपराध की गतिविधियों के आधार पर जिले के 60 गांवों को ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया है। इन गांवों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार नागरिकों को नोटिस जारी कर पुलिस ने सहयोग की अपील की है, ताकि इस बढ़ती समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में एडिशनल एसपी शशि शेखर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस लगातार साइबर अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। हाल ही में चलाए गए अभियानों के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, बैंक चेक बुक सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए हैं।

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जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में ग्रामीणों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोले जा रहे हैं। कुछ शातिर लोग बैंक अधिकारी बनकर गांवों में पहुंचते हैं और खाता खुलवाने या लोन दिलाने के नाम पर लोगों से उनके दस्तावेज और हस्ताक्षर ले लेते हैं। बाद में इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य अपराधों में किया जाता है।
एडिशनल एसपी ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के दस्तावेज या बैंक खाते साइबर अपराध में उपयोग किए जाते हैं, वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं, भले ही उनका सीधे तौर पर अपराध से संबंध न हो। इसलिए आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी बैंकिंग कार्य के लिए सीधे बैंक शाखा में ही जाएं और यदि कोई व्यक्ति घर आकर दस्तावेज मांगता है, तो उसकी पहचान की पूरी जांच करें।
पुलिस के अनुसार जिन 60 गांवों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है, वहां से लगातार संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और साइबर गतिविधियों के संकेत मिले हैं। इन क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जो कमीशन के आधार पर साइबर अपराधियों की मदद करते हैं। कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति अपने मकान, दुकान या अन्य संसाधनों के माध्यम से साइबर अपराधियों को सहयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में एक मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके घर से साइबर अपराध संचालित हो रहा था।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना, साइबर पुलिस टीम या एसपी कार्यालय को दें। पुलिस का मानना है कि जनसहयोग के बिना इस समस्या पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं है।
वहीं, नोटिस प्राप्त करने वाले सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वे मेवात को साइबर अपराध से मुक्त देखना चाहते हैं और क्षेत्र की नकारात्मक छवि को खत्म करने के लिए प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। हालांकि, कुछ प्रतिनिधियों ने यह भी स्वीकार किया कि कई बार इस तरह के मामलों में खुलकर सहयोग करने पर गांव में विवाद की स्थिति बन जाती है, इसलिए वे गोपनीय रूप से भी पुलिस की मदद करते रहेंगे।
मेवात में साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान अब प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी बनता जा रहा है।

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