Gurugram News: जलभराव की निगरानी के लिए हॉट स्पॉट पर लगेंगे सेंसर

जलभराव की गहराई और सीवर ओवरफ्लो की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएंगे

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मानसून में होने वाले जलभराव की निगरानी और समाधान के लिए हॉट स्पॉट पर सेंसर लगाए जाएंगे। सेंसर जलभराव की गहराई और सीवर ओवरफ्लो की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएंगे। निगम डेटा आधारित प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही नगर निगम गुरुग्राम ने फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल लाॅन्च किया है।

गुरुग्राम: मानसून में होने वाले जलभराव की निगरानी और समाधान के लिए हॉट स्पॉट पर सेंसर लगाए जाएंगे। सेंसर जलभराव की गहराई और सीवर ओवरफ्लो की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएंगे। निगम डेटा आधारित प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही नगर निगम गुरुग्राम ने फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल लाॅन्च किया है। नागरिक फोटो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। जलभराव के 153 हाॅट स्पाॅट पर विशेष निगरानी रहेगी।
नगर निगम की वेबसाइट www.mcg.gov.in पर विकसित इस पोर्टल पर नागरिक जलभराव वाले स्थान की तस्वीर अपलोड कर सकेंगे। शिकायत दर्ज करते समय फोटो अपलोड करना अनिवार्य रखा गया है, ताकि मौके की वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके। साथ ही लोग जलभराव की अनुमानित गहराई की जानकारी भी दे सकेंगे। इसके लिए पोर्टल पर ऑटो-रिक्शा, कार, बाइक और व्यक्ति जैसे विजुअल रेफरेंस उपलब्ध कराए गए हैं।

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पुराने जलभराव वाले क्षेत्रों का तैयार होगा डेटाबेस:  नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे पिछले वर्षों में जलभराव से प्रभावित स्थानों की तस्वीरें भी पोर्टल पर साझा करें। इससे संवेदनशील क्षेत्रों का विस्तृत रिकाॅर्ड तैयार किया जा सकेगा और भविष्य की योजनाओं को अधिक सटीक बनाया जा सकेगा।
फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल के साथ एक वालंटियर पोर्टल भी शुरू किया गया है। इसमें पंजीकरण कर नागरिक आपदा एवं बाढ़ प्रबंधन कार्यों में सहयोग कर सकेंगे। स्वयंसेवकों को आपातकालीन प्रतिक्रिया, डेटा संग्रहण, जनजागरूकता, तकनीकी सहायता, मेडिकल सहयोग, समन्वय, सर्च एंड रेस्क्यू तथा परिवहन जैसे क्षेत्रों में योगदान देने का अवसर मिलेगा।

फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से एक मजबूत आपदा प्रबंधन तंत्र विकसित करना है। मानसून के दौरान मिलने वाली शिकायतों की रियल-टाइम माॅनिटरिंग की जाएगी और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही अधिकारियों को सभी जलभराव संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा तय समयसीमा में आवश्यक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

- प्रदीप दहिया, नगर निगम कमिश्नर, गुरुग्राम

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