Faridabad News : हस्तलिखित पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व रहेगा पूरी तरह सुरक्षित : एडीसी अंजलि श्रोत्रिया
सरकारी रिकॉर्ड नहीं, ऐतिहासिक हस्तलिखित दस्तावेज ही होंगे मान्य
अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया ने भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत जिले में प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज एवं सर्वे अभियान के लेकर नगर निगम, तहसील प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
फरीदाबाद। अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया ने भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत जिले में प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज एवं सर्वे अभियान के लेकर नगर निगम, तहसील प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। 
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी धार्मिक संस्थानों, आश्रमों, जैन सभाओं, गुरुद्वारों, मंदिरों, मस्जिदों, ट्रस्टों, सोसायटियों, पुरानी लाइब्रेरियों तथा वैद्यों एवं ज्योतिषाचार्यों से संपर्क स्थापित कर संभावित पांडुलिपियों की तलाश की जाए। एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने स्पष्ट किया कि केवल वही सामग्री “मैन्युस्क्रिप्ट” की श्रेणी में मानी जाएगी जो हाथ से लिखी हुई हो, कम से कम 75 वर्ष पुरानी हो तथा उसका ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, साहित्यिक अथवा सांस्कृतिक महत्व हो। उन्होंने बताया कि पाम लीफ, कपड़े, कागज, ताम्रपत्र अथवा लकड़ी पर लिखी गई सामग्री भी पात्र हो सकती है। वहीं सरकारी रिकॉर्ड, रेवेन्यू दस्तावेज, एफआईआर, अटेंडेंस रजिस्टर, प्रिंटेड पुस्तकें, फोटोकॉपी एवं डिजिटल स्कैन को मैन्युस्क्रिप्ट की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा। एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सर्वे निर्धारित प्रारूप में किए जाएं तथा जहां पांडुलिपि उपलब्ध नहीं है वहां संबंधित संस्थान से “नॉन-अवेलेबिलिटी सर्टिफिकेट” अवश्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे टीमों को वार्ड स्तर तक सक्रिय करते हुए संभावित स्थलों पर व्यक्तिगत रूप से जाकर जांच करनी होगी तथा सर्वे के फोटोग्राफ भी रिकॉर्ड के रूप में संलग्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिले में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों एवं विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए ताकि समाज के माध्यम से पुरानी हस्तलिखित सामग्री की जानकारी प्राप्त हो सके। एडीसी ने कहा कि कई बार पारिवारिक स्तर पर संरक्षित पुरानी पोथियां, धार्मिक ग्रंथ अथवा वैद्यकीय एवं ज्योतिष संबंधी हस्तलिखित दस्तावेज भी महत्वपूर्ण मैन्युस्क्रिप्ट के रूप में सामने आ सकते हैं। एडीसी अंजलि श्रोत्रिया के कहा कि भारत सरकार के इस महत्वाकांक्षी अभियान के अंतर्गत जिले में व्यापक स्तर पर सर्वे कर अधिक से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने आह्वान किया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत आम नागरिक भी हस्तलिखित पांडुलिपियों की जानकारी सेक्टर 12 लघु सचिवालय स्थित एडीसी कार्यालय को या सीधे वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से साझा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में हस्तलिखित पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूर्णत: सुरक्षित रहेगा। समीक्षा बैठक में सीईओ जिला परिषद शिखा, नगर निगम एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, फरीदाबाद एसडीएम डॉ हनी बंसल सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण, विभिन्न धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधि व शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




