Hansi News: SIP निवेश के नाम पर साइबर ठगी से रहें सतर्क: पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार
केवल SEBI से पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही करें निवेश, अधिक मुनाफे के लालच में न आएं
पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार ने आमजन को ऑनलाइन निवेश के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी SIP (Systematic Investment Plan), शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और ऑनलाइन निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
हांसी: पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार ने आमजन को ऑनलाइन निवेश के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी SIP (Systematic Investment Plan), शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और ऑनलाइन निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से कम समय में अधिक मुनाफा देने का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराधी पहले फर्जी निवेश ऐप, वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज बनाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं। शुरुआत में छोटी राशि पर नकली लाभ दिखाया जाता है, जिससे व्यक्ति का भरोसा बढ़ जाता है। इसके बाद अधिक लाभ का लालच देकर बड़ी रकम निवेश करवाई जाती है। जब पीड़ित अपना पैसा वापस निकालने का प्रयास करता है तो उससे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी चार्ज या अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। अंततः ठग मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं, वेबसाइट या ऐप हटा देते हैं और पीड़ित से संपर्क समाप्त कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में साइबर ठग स्वयं को निवेश सलाहकार, कंपनी प्रतिनिधि या अधिकृत एजेंट बताकर संपर्क करते हैं तथा नकली डैशबोर्ड पर फर्जी मुनाफा दिखाकर लोगों को लगातार अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं। यह पूरी तरह सुनियोजित साइबर ठगी का तरीका है।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित कंपनी या संस्था का SEBI (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) में पंजीकरण अवश्य जांचें। किसी भी अनजान लिंक, मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से निवेश न करें और सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी संदेशों, विज्ञापनों अथवा व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
उन्होंने कहा कि निवेश करते समय यदि कोई व्यक्ति कम समय में अत्यधिक या गारंटीड रिटर्न देने का दावा करता है, बार-बार अधिक निवेश करने का दबाव बनाता है या केवल ऑनलाइन भुगतान की मांग करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे प्रस्ताव अधिकांश मामलों में धोखाधड़ी साबित होते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक खाता विवरण, ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। निवेश के नाम पर कोई भी ऐप डाउनलोड करने या किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है या किसी संदिग्ध निवेश योजना की जानकारी मिलती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही अपने नजदीकी साइबर थाना या संबंधित पुलिस थाना को भी तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। निवेश हमेशा सोच-समझकर करें, लालच में आकर कोई भी आर्थिक निर्णय न लें तथा अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी इस प्रकार की साइबर ठगी के तरीकों के बारे में जागरूक करें, ताकि सभी मिलकर साइबर अपराधियों के मंसूबों को विफल कर सकें।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



