Palwal News : जीजीडीएसडी कॉलेज, पलवल में एआई आधारित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ
जीजीडीएसडी कॉलेज, पलवल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 21 से 25 जुलाई तक आयोजित पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम “कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान, अकादमिक लेखन एवं विद्वतापूर्ण संचार कौशल से शिक्षकों का सशक्तिकरण” का शुभारंभ मंगलवार को उद्घाटन सत्र के साथ हुआ।
जीजीडीएसडी कॉलेज, पलवल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 21 से 25 जुलाई तक आयोजित पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम “कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान, अकादमिक लेखन एवं विद्वतापूर्ण संचार कौशल से शिक्षकों का सशक्तिकरण” का शुभारंभ मंगलवार को उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। 
कार्यक्रम का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है, जिसमें लगभग 35 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। कॉलेज के सभी शिक्षक ऑफलाइन उपस्थित रहे, जबकि विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता उच्च शिक्षा और अनुसंधान का अभिन्न अंग बन चुकी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने तथा उनकी शैक्षणिक एवं शोध क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंग्रेजी विभाग की अध्यक्षा प्रो. डॉ. मंजुला बत्रा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि AI का जिम्मेदारीपूर्ण एवं प्रभावी उपयोग शिक्षण, अनुसंधान और अकादमिक लेखन की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों से बदलती तकनीकों के साथ निरंतर स्वयं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं परिचय आयोजन सचिव डॉ. रुचि शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षकों को AI आधारित शोध, अकादमिक लेखन एवं विद्वतापूर्ण संचार कौशल से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के मानदंड 2 (शिक्षण-अधिगम एवं मूल्यांकन) तथा मानदंड 6 (शासन, नेतृत्व एवं प्रबंधन) के अंतर्गत ऐसे संकाय विकास कार्यक्रमों का संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं फैकल्टी सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रथम तकनीकी सत्र में संसाधन व्यक्ति डॉ. रमन कुमार सैनी ने “उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मूलभूत अवधारणाएँ” विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा में AI के विभिन्न अनुप्रयोगों, शोध, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया तथा अकादमिक लेखन में इसके व्यावहारिक उपयोग को उदाहरणों सहित समझाया। प्रतिभागियों ने सत्र के दौरान सक्रिय सहभागिता करते हुए अनेक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष श्री पवन मुखीजा, सुश्री गरिमा तथा सुश्री भावना ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। अंत में कार्यक्रम की प्रभारी प्रो. डॉ. कांता रानी ने सभी अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी चार दिनों में AI आधारित शोध, अकादमिक लेखन और प्रभावी शोध संप्रेषण से संबंधित विभिन्न विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनसे प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं शोधोन्मुखी ज्ञान प्राप्त होगा।

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