Mewat News: सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को कमजोर कर निजीकरण का रास्ता खोलने की सुनियोजित साजिश: आफ़ताब अहमद
बिजली, जनस्वास्थ विभाग अधिकारियों संग आफ़ताब अहमद की बैठक
नूंह विधायक चौधरी आफताब अहमद ने सोमवार को बिजली और जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्था में ज़रूरी सुधार के निर्देश दिए। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जहां बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है वहां तत्काल प्रभाव से सुधार के कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को गर्मी में पर्याप्त बिजली, पानी आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
मेवात: नूंह विधायक चौधरी आफताब अहमद ने सोमवार को बिजली और जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्था में ज़रूरी सुधार के निर्देश दिए। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जहां बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है वहां तत्काल प्रभाव से सुधार के कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को गर्मी में पर्याप्त बिजली, पानी आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। बैठक में बिजली, जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों संग स्थानीय ग्रामीण और नूंह शहर के लोग मौजूद थे।

विधायक आफ़ताब अहमद ने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों ने मिलकर बताया है कि बिजली और पानी आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो रही है इसीलिए अधिकारियों की बैठक ली गई है।
वहीं बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में विधायक आफताब अहमद ने कहा कि
हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपने के प्रस्ताव का वो विरोध करते हैं। जानकारी के अनुसार अडानी समूह और इलेवन पावर लिमिटेड जैसी कंपनियों ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली सप्लाई के लिए याचिकाएं दायर की हैं।
आफताब अहमद ने इसे निजीकरण की दिशा में घातक कदम करार देते हुए कहा कि इससे बड़ी आबादी ऊर्जा संकट में फंस सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना होता है, जिसका असर उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों पर पड़ेगा।
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह जिलों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने तथा उपभोक्ताओं के घरों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का कड़ा विरोध हर तरफ़ हो रहा है।
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि डर है कि निजी कंपनियां केवल ज्यादा राजस्व वाले इलाकों में जाएंगी, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों का नुकसान होगा। विधायक ने कहा कि सरकार हरियाणा के बिजली सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की एंट्री कराना चाहती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि सालों से कार्य कर रहे नियमित और अनुबंधित कर्मचारियों का भविष्य भी अधर में लटकने की आशंका है।
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कुल राजस्व का लगभग एक-तिहाई राजस्व गुरुग्राम से प्राप्त होता है। इस क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने से राजस्व का भारी नुकसान होगा, जो निगम के आर्थिक स्थिति को बिगाड़ने का काम करेगा।
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि गुरुग्राम एवं नूंह में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का प्रयास हरियाणा की सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को कमजोर कर निजीकरण का रास्ता खोलने की एक सुनियोजित साजिश है। इस जनविरोधी कदम को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
संबंधित समाचार



