Rewari News: रेवाड़ी में वकील और एसडीएम में अजब गजब जंग - वकीलों ने धरना लगाया, अदालतों का काम ठप
आरोप : रेवाड़ी बार के प्रधान मीडिया में बोले : माल लेकर देते हैं फैसले, कल्पिट बताया
सोमवार को रेवाड़ी बार और एसडीएम रेवाड़ी एक तरह से आमने - सामने हो गए हैं। वकीलों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। तबादले की मांग उठा रहे हैं। एसडीएम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
रेवाड़ी। सोमवार को रेवाड़ी बार और एसडीएम रेवाड़ी एक तरह से आमने - सामने हो गए हैं। वकीलों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। तबादले की मांग उठा रहे हैं। एसडीएम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
रेवाड़ी बार के प्रधान विश्वामित्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि माल लेकर एसडीएम फैसले देते हैं। 16 दिसंबर के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव है। वकील चाहते हैं कि सरकार एसडीएम रेवाड़ी का तुरंत तबादला कर दे।
उधर मीडिया से बात करते हुए रेवाड़ी बार के प्रधान विश्वामित्र ने एसडीएम को कल्पिट तक बताया दिया। उधर एसडीएम रेवाड़ी पर ग्रीष्म अवकाश के दौरान कुछ फैसलों में अपना अंतिम निर्णय देने, सीनियर और जूनियर वकीलों से दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाये गए हैं।
रेवाड़ी बार के प्रधान विश्वामित्र के मुताबिक इस मामले में डीसी, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव समेत अन्य को रेवाड़ी बार ने मांग पत्र सौंपे हैं मगर परिणाम शून्य रहा।
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अब तक क्या हुआ इस मामले में :
रेवाड़ी जिला बार एसोसिएशन और एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार के बीच गत तीन माह से चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। जिला बार एसोसिएशन व एसोसिएशन प्रधान ने एसडीएम पर राजस्व मामलों में भ्रष्टाचार और अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन वर्क सस्पेंड की घोषणा कर दी है। वहीं एसडीएम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार और राजनीतिक स्टंट बताया है।
इस मामले में रेवाड़ी बार के प्रधान विश्वामित्र ने धरना प्रदर्शन के दौरान मीडिया के सामने यह आरोप लगाया कि एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार बिना माल के राजस्व मामलों में कोई फैसला नहीं करते। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है।
बार का कहना है कि गत 16 अप्रैल से ही एसडीएम रेवाड़ी का बहिष्कार किया जा रहा है और अब एसडीएम की कार्यशैली के विरोध में बार ने अनिश्चितकालीन वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन उपायुक्त, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर एसडीएम के तबादले की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि जब तक एसडीएम का तबादला नहीं होता, तब तक वर्क सस्पेंड जारी रहेगा।
उधर इस मामले में एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार ने रेवाड़ी बार के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में 700 से अधिक राजस्व मामलों का निपटारा किया है, जो कि कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा। उनका आरोप है कि बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र तीसरी बार प्रधान बनने की इच्छा के चलते बे - बुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
एसडीएम रेवाड़ी ने अधिवक्ताओं के वर्क सस्पेंड को राजनीतिक स्टंट करार बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं बार एसोसिएशन के प्रधान को पत्र लिखकर बातचीत के जरिए इस मामले का समाधान निकालने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बार प्रधान ने उस पत्र की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान उनके फोन तक नहीं उठाते।
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अब क्या
फिलहाल रेवाड़ी बार अपने वर्क सस्पेंड वाले फैसले पर अडिग है और एसडीएम के तबादले तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रही है। उधर एसडीएम रेवाड़ी ने सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
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आगे क्या होने की उम्मीद
ऐसी स्थिति में अब इस पूरे विवाद का समाधान सरकार, प्रशासन और बार एसोसिएशन के बीच बातचीत से ही निकलेगा अन्यथा यह मामला आगे बढ़ जाएगा। संभावना यह भी जताई गई है कि सरकार एसडीएम रेवाड़ी को बलि का बकरा बनाकर उनके नए तबादला आदेश जारी कर इस मामले का पटाक्षेप कर दे, इससे वकीलों का अहम भी शांत हो जाएगा और एसडीएम को भी दूसरे जिले में सम्मान पूर्वक पदस्थापित कर दिया जाएगा। चूंकि 11 सितंबर को प्रदेश भर में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के वार्षिक चुनाव होने वाले हैं और सरकार किसी भी सूरत में वकीलों को नाराज नहीं करना चाहेगी।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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