प्रधानमंत्री मोदी का 18वां हरियाणा दौरा: विकास, हरित तकनीक और आधुनिक भारत की नई दिशा
17 जुलाई को हरियाणा से मिलेगी रेल, सड़क, स्वास्थ्य और विरासत संरक्षण की कई बड़ी सौगातें

प्रस्तुति : चन्द्र शेखर धरणी
वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 जुलाई का हरियाणा दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकास, आधुनिक तकनीक और भविष्य की आधारभूत संरचना को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब तक 17 बार हरियाणा का दौरा कर चुके हैं और 17 जुलाई को उनका यह 18वां दौरा होगा। पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड बताता है कि जब-जब प्रधानमंत्री हरियाणा आए हैं, तब-तब प्रदेश को नई विकास परियोजनाओं, राष्ट्रीय योजनाओं और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़ी सौगातें मिली हैं।
इस बार का दौरा भी केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा। इसका प्रभाव पंजाब, हिमाचल प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के विकास पर दिखाई देगा। रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण इस दौरे का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
हरियाणा से शुरू हुई थी 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसी ऐतिहासिक पहल
हरियाणा प्रधानमंत्री मोदी की कई ऐतिहासिक राष्ट्रीय योजनाओं का साक्षी रहा है। 22 जनवरी 2015 को पानीपत की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत की थी। उस समय हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को देखते हुए शुरू किया गया यह अभियान आज पूरे देश में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है। विदेशों में बसे भारतीय समुदाय तक भी इस अभियान की सकारात्मक छाप पहुंची है। यह प्रधानमंत्री के हरियाणा से जुड़े विकासात्मक दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनेगी सबसे बड़ा आकर्षण
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण भारत की पहली हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाना होगा। जींद से शुरू होने वाली यह ट्रेन देश में हरित परिवहन क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
रेल मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत ट्रेन डीजल के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से संचालित होगी। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न होगी तथा उत्सर्जन के रूप में केवल जलवाष्प निकलेगी। इससे प्रदूषण में कमी आएगी और भारत स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली की दिशा में आगे बढ़ेगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में ऐसी ट्रेनें देश के अन्य रेल मार्गों पर भी संचालित की जाएंगी।
11 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का होगा लोकार्पण
प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित 11 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का भी लोकार्पण करेंगे। इनमें अंब अंदौरा, साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), कालका, आनंदपुर साहिब सहित कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
इन स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर, रैंप, टैक्टाइल पथ, डिजिटल सूचना प्रणाली, उन्नत पार्किंग, स्वच्छ शौचालय तथा यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं।
हरियाणा के नरवाना रेलवे स्टेशन का लगभग 28.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया गया है, जबकि कालका रेलवे स्टेशन पर लगभग 31.42 करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करना है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री जींद से वर्चुअल माध्यम के जरिए भिवानी और नारनौल मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन भी करेंगे। विशेष रूप से महेंद्रगढ़ जिले के कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ को लेकर राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं।
इन दोनों मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा और नए डॉक्टर तैयार करने की क्षमता भी बढ़ेगी।
कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक से जाम से मिलेगी राहत
प्रधानमंत्री लगभग 447 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 5.9 किलोमीटर लंबे कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन भी करेंगे।
इस परियोजना से शहर के बीच स्थित पांच प्रमुख रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से स्थायी राहत मिलेगी। इससे यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा तथा ईंधन और समय दोनों की बचत होगी। यह परियोजना धार्मिक नगरी कुरुक्षेत्र में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी बड़ी सुविधा साबित होगी।
सड़क संपर्क को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को भी गति देंगे। इनमें काला अंब ग्रीन फील्ड फोरलेन कॉरिडोर प्रमुख है, जो हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच औद्योगिक एवं व्यापारिक संपर्क को मजबूत करेगा। यह नया राजमार्ग अंबाला रिंग रोड से काला अंब तक पूरी तरह नए मार्ग पर विकसित किया गया है, जिससे पुराने मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा।
इसके अतिरिक्त दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग, हांसी-बरवाला फोरलेन परियोजना तथा बीकानेर-सिवानी-सोनीपत सड़क परियोजना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों को भी नई गति मिलेगी। इन परियोजनाओं से यात्रा समय कम होगा, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां और औद्योगिक विकास तेज होगा।
सिख विरासत को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र के उमरी गांव में लगभग 124 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हरियाणा के पहले सिख संग्रहालय एवं विरासत केंद्र की आधारशिला भी रखेंगे।
लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह आधुनिक संग्रहालय सिख गुरुओं के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और बलिदानों को अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित करेगा। यह धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में हरियाणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
हरियाणा के विकास का नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 जुलाई का हरियाणा दौरा केवल उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं है। यह हरित ऊर्जा, आधुनिक परिवहन, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं, बेहतर सड़क एवं रेल नेटवर्क, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास की व्यापक सोच का प्रतीक है।
पिछले 12 वर्षों में हरियाणा को केंद्र सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिला है। अब 18वां दौरा भी प्रदेश को नई विकास परियोजनाओं, आधुनिक तकनीक और भविष्य की आधारभूत संरचना से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनने जा रहा है। यदि घोषित परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी होती हैं तो उनका लाभ केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और पूरे उत्तर भारत को भी लंबे समय तक मिलता रहेगा।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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