Palwal/Faridabad News: कमरतोड महंगाई से जूझ रही जनता पर टोल वृद्धि की एक और करारी चोट: रघुबीर तेवतिया
पृथला विधायक ने बढी हुई टोल दरों को तुरंत वापस लेने की उठाई मांग
पृथला विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुबीर तेवतिया ने तीन महीने में दूसरी बार हुई टोल दरों में वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि कमरतोड महंगाई से जूझ रही जनता पर टोल वृद्धि की एक और करारी चोट है।
पलवल/फरीदाबाद। पृथला विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुबीर तेवतिया ने तीन महीने में दूसरी बार हुई टोल दरों में वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि कमरतोड महंगाई से जूझ रही जनता पर टोल वृद्धि की एक और करारी चोट है। हरियाणा में टोल कम करने की बजाय टोल दरों को बढाकर बीजेपी सरकार जले पर नमक छिडक रही है।
सारे नियमों को ताक पर रखकर पहले ही जनता की जेब काटी जा रही है। तीन महीने में दूसरी बार टोल वृद्धि महंगाई से परेशान जनता के साथ खुलेआम लूट जैसा है। केंद्र की बीजेपी सरकार हरियाणा में मनमानी और बेरहमी से हो रही टोल वसूली बंद करे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार 5 तरफ से फरीदाबाद में टोल वसूल रही है। बेतहाशा टैक्स वसूल के बावजूद यहां के लोगों के विकास के लिए धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा। पिछले 12 साल में फरीदाबाद-पलवल में बीजेपी के आलीशान दफ्तर बनने के अलावा कुछ नहीं हुआ।
हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रघुबीर तेवतिया ने कहा कि लोकसभा में सांसद दीपेन्द्र हुड्डा द्वारा टोल दरों को लेकर पूछे गए उनके सवाल के जवाब से खुलासा हुआ था कि हरियाणा में देश में सबसे ज्यादा टोल वसूली हो रही है। जबकि, गुजरात जनसंख्या में हरियाणा से 3 गुना बडा प्रदेश और क्षेत्रफल में 4 गुना बडा, फिर भी टोल वसूली गुजरात में कम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हरियाणा से कुल 7.10 प्रतिशत जीएसटी इक_ा करती है, लेकिन बदले में हरियाणा को केवल 1.009 प्रतिशत हिस्सा ही दिया जाता है। यानी केंद्र सरकार हरियाणा से 7 रुपया ले रही है और केवल 1 रुपया वापस दे रही है, जो पूरे देश में सबसे कम है। बजट आवंटन में हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार और टोल वसूली का चौतरफा वार स्वीकार्य नहीं है।
विधायक रघुबीर तेवतिया ने कहा कि नेशनल हाईवे पर 2 टोल प्लाजा के बीच नियमानुसार न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होनी चाहिए। लेकिन हरियाणा अकेला प्रदेश है जहां 2 टोल के बीच की दूरी देश में सबसे कम 45 किलोमीटर ही है, जबकि किसी और प्रदेश में ऐसा नहीँ है। रघुबीर तेवतिया ने कहा कि हरियाणा में एक टोल खत्म होता नहीं कि दूसरा टोल आ जाता है।
लोकसभा में केन्द्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि टोल बढने से न केवल महंगाई बढेगी बल्कि रोजाना इन मार्गों पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी। खासकर नियमित रूप से इन मार्गों से आने-जाने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की जेब पर भारी बोझ पडेगा।
विधायक रघुबीर तेवतिया ने मांग करी कि हरियाणा में आम जनहित में इस अन्यायपूर्ण और मनमानी वसूली पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ऐसे अनुबंधों को बढ़ावा दे रही है जिनमें टोल की अवधि को मनमाने तरीके से बढ़ाया जाता है, जिससे हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गुजरात के मुकाबले कहीं कम क्षेत्रफल वाले हरियाणा में अंधाधुंध टोल वसूली का यह खेल न सिर्फ अव्यवहारिक है, बल्कि आर्थिक शोषण का स्पष्ट उदाहरण है। ज्ञात हो कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने टोल प्लाजा पर बढ़ी हुई दरों को लागू कर दिया है जिसके बाद कार, जीप और अन्य व्यवसायिक वाहनों के टोल रेट में 10 से 30 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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