Nuh Mewat News: झूठे दुष्कर्म मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई, शिकायतकर्ता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के आदेश

Desh Rojana
On

जिले में दर्ज एक चर्चित दुष्कर्म एवं ब्लैकमेलिंग मामले की जांच के बाद पुलिस ने शिकायत को असत्य पाए जाने पर शिकायतकर्ता महिला के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। 

नूंह:  जिले में दर्ज एक चर्चित दुष्कर्म एवं ब्लैकमेलिंग मामले की जांच के बाद पुलिस ने शिकायत को असत्य पाए जाने पर शिकायतकर्ता महिला के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार मामले में झूठी शिकायत दर्ज कराने के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में कलंदरा प्रस्तुत किया जाएगा।

WhatsApp Image 2026-07-11 at 11.11.31 PM
प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2026 में एक महिला ने दो व्यक्तियों के विरुद्ध दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, मारपीट तथा धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। प्रारंभिक स्तर पर सोहना में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामला जांच के लिए नूंह पुलिस को स्थानांतरित किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने महिला की तस्वीरों और वीडियो का दुरुपयोग कर उसे ब्लैकमेल किया तथा उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता, गवाहों तथा अन्य संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और तथ्य सामने आए। इसी दौरान शिकायतकर्ता महिला द्वारा एक शपथपत्र भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उसने पहले लगाए गए आरोपों से अलग बयान देते हुए कहा कि वह अपनी इच्छा से एक आरोपी के साथ संबंधों में थी और उसके साथ स्वेच्छा से रह रही थी। महिला ने यह भी कहा कि उसके साथ किसी प्रकार का बल प्रयोग, बंधक बनाकर रखना अथवा ब्लैकमेलिंग नहीं हुई थी तथा उसके द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा पारिवारिक दबाव में दर्ज कराया गया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित पक्षों द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जीवन एवं स्वतंत्रता की सुरक्षा को लेकर याचिका दायर की गई थी। उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर अभियोग में कोई सत्यता नहीं पाए जाने पर पुलिस ने अखराज रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा फाइल के अवलोकन के बाद यह माना गया कि शिकायत झूठी पाई गई है। इसके बाद शिकायतकर्ता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झूठी शिकायतों के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करना आवश्यक है, ताकि न्यायिक और पुलिस व्यवस्था का दुरुपयोग न हो।

Desh Rojana Hiring Ad

About The Author

संबंधित समाचार

Desh Rojana Hiring Ad