Mewat Tawdu News: सरकारी भूमि पर कब्जा कर व्यापारी कर रहे करोड़ों का कारोबार, प्रशासन की कार्रवाई फाइलों में सिमटी।
2022 में दो लाख से अधिक खर्च कर कराई गई थी पीडब्ल्यूडी भूमि की पैमाइश,नोटिस के बावजूद चार साल से अतिक्रमण जस का तस।
शहर में सरकारी लोक निर्माण विभाग की भूमि पर अतिक्रमण का मामला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
तावड़ू : शहर में सरकारी लोक निर्माण विभाग की भूमि पर अतिक्रमण का मामला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि की पैमाइश कराने पर सरकारी खजाने से दो लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। पैमाइश के बाद कई दुकानदारों के प्रतिष्ठानों के बाहर अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भी चस्पा किए गए, लेकिन चार साल से अधिक समय बीतने के बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता अवेश कुमार ने दोबारा नोटिस जारी कर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने को लेकर विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी की सरकारी भूमि पर कुछ व्यापारी लंबे समय से अपना कारोबार कर साल में करोड़ों रुपयों की कमाई कर रहे हैं।
शहर निवासी प्रभु दयाल बागड़ी,रमेश भारद्वाज, धर्मबीर,अशोक कुमार और सुरेश कुमार का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना ही नहीं था तो सरकारी राशि खर्च कर पैमाइश कराने और नोटिस जारी करने का क्या मतलब था। उन्होंने कहा कि जनता के हित में खर्च होने वाली राशि पैमाइश और कागजी कार्रवाई में खर्च हो गई,लेकिन सरकारी भूमि आज भी अतिक्रमण की जद में है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर सरकारी भूमि को चिन्हित कर तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए और यह भी जांच की जाए कि सरकारी जमीन का व्यावसायिक उपयोग कितने समय से हो रहा है। साथ ही अतिक्रमण हटाने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। लोगों ने कहा कि सबसे ज्यादा अतिक्रमण पूर्व कांग्रेस नेत्री मनीता गर्ग ने अपने आवास के बाहर कर रखा है। जहां सरकारी भूमि पर वाहन पार्किंग के साथ ही वह बड़े स्तर पर पाइपों का व्यापार कर करोड़ों रुपये कमा रही है।


About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
संबंधित समाचार



