Rewari News: सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के नाम पर हो रही साइबर ठगी से रहें सावधान : एसपी हेमेंद्र

सोशल मीडिया पर कम कीमत में फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लालच में नहीं आएं

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पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा की ओर से आमजन को सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। 

रेवाड़ी। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा की ओर से आमजन को सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। 
 
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एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा।
 
उन्होंने बताया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर कई बार ऐसे विज्ञापन दिखाई देते हैंजिनमें कम कीमत में फॉलोअर्स अथवा व्यूज बढ़ाने का दावा किया जाता है और संपर्क के लिए व्हाट्सएप नंबर दिया जाता है। ऐसे विज्ञापनों के माध्यम से साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ठग पहले व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर कम राशि में फॉलोअर्स या व्यूज बढ़ाने का झांसा देते हैं। शुरुआत में छोटी राशि का भुगतान करवाने के बाद सत्यापनअतिरिक्त फॉलोअर्सव्यूज बढ़ाने या अन्य सेवा के नाम पर बार-बार पैसे की मांग की जा सकती है। कई मामलों में भुगतान प्राप्त करने के बाद ठग संपर्क बंद कर देते हैं। इसके अलावाठगी के दौरान बैंकिंग अथवा निजी जानकारी हासिल कर उसका दुरुपयोग करने का भी प्रयास किया जा सकता है। 
 
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर विज्ञापन या प्रोफाइल विश्वसनीय नहीं होता। किसी अनजान व्यक्ति या व्हाट्सएप नंबर पर भरोसा करके ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपीयूपीआई पिनपासवर्ड अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। 
 
रेवाड़ी पुलिस द्वारा आमजन के लिए जारी मुख्य सावधानियां :

फेसबुकइंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने वाले संदिग्ध विज्ञापनों से सावधान रहें। अनजान व्हाट्सऐप नंबर पर संपर्क कर बिना सत्यापन के कोई भुगतान न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपीयूपीआई पिनसीवीवीपासवर्ड या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। कम कीमतअधिक फॉलोअर्स या विशेष ऑफर के लालच में आकर जल्दबाजी में भुगतान न करें। संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइलविज्ञापन या नंबर को शिकायत दर्ज कर बंद करवाएं और अवरुद्ध करें। ऑनलाइन भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता और भुगतान की पूरी जानकारी जांच लें। 

इन संकेतों को पहचान कर तुरंत सतर्क हो जाएं : 

कम कीमत में हजारों फॉलोअर्स या व्यूज बढ़ाने का दावा किया जाना। फेसबुक/इंस्टाग्राम विज्ञापन के जरिए सीधे व्हाट्सऐप पर संपर्क करने को कहना। एक भुगतान के बाद सत्यापन या अन्य शुल्क के नाम पर बार-बार पैसे मांगना। भुगतान के बाद सेवा उपलब्ध न करवाना या संपर्क बंद कर देना। ओटीपीयूपीआई पिन अथवा बैंकिंग जानकारी मांगना। 

पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार की साइबर ठगी का संदेह हो या वह इसका शिकार हो जाएतो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं तथा नजदीकी थाना या साइबर थाना को भी इसकी सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लालच में आकर किसी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट पर भरोसा न करें। किसी भी ऑनलाइन भुगतान से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें और अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। सतर्क रहेंजागरूक रहें और साइबर ठगी से सुरक्षित रहें। 

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।

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