कोई भी योग्य विद्यार्थी पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति प्राप्त करने से नहीं रहना चाहिए वंचित : उपायुक्त
पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति व ओबीसी छात्रों को दिया जाता है प्रोत्साहन
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा है कि जिले का कोई भी पात्र एवं योग्य विद्यार्थी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे अनुसूचित जाति व ओबीसी के पात्र विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं
पलवल: उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा है कि जिले का कोई भी पात्र एवं योग्य विद्यार्थी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे अनुसूचित जाति व ओबीसी के पात्र विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं तथा आवेदन प्रक्रिया में उनकी हर संभव सहायता सुनिश्चित करें। छात्रवृति योजना का लाभ उठाने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर 28 फरवरी तक आवेदन किए जा सकते हैं। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शुक्रवार को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल से संबंधित बैठक लेते हुए सभी संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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उपायुक्त ने कहा कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए नगराधीश जिला स्तरीय नोडल ऑफिसर होंगी, जिनकी भूमिका आवेदनों को वेरीफाई करने में अहम रहेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जितने भी आवेदन पोर्टल पर प्राप्त हों उन्हें तत्काल वेरीफाई करते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला को कोई भी बच्चा पोर्टल पर पोस्ट मेट्रिक छात्रवृति के लिए अप्लाई करने से वंचित न रहे, जिसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत निर्धारित वर्गों के विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस, मेंटेनेंस भत्ता तथा अन्य शैक्षणिक व्यय में सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव या दस्तावेजों की कमी के कारण विद्यार्थी आवेदन नहीं कर पाते, इसलिए स्कूल व कॉलेज प्रशासन विशेष जागरूकता अभियान चलाएं।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि आवेदन पत्रों की समय पर जांच कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि किसी भी पात्र विद्यार्थी का आवेदन तकनीकी कारणों से लंबित न रहे। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन करें और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित संस्थान या विभाग से संपर्क करें। बैठक से पूर्व उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता द्वारा नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल व परिवार पहचान पत्र बारे चंड़ीगढ़ से ली गई राज्य स्तरीय वीडियो कांफ्रेंस से जुड़े और उन्हें जिला से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि परिवार पहचान पत्र एडीसी का प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने निर्देश दिए कि एडीसी प्रशासनिक स्तर पर सभी पेंडिंग केस को वेरीफाई करें। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग निर्धारित एसओपी के अनुसार परिवार पहचान पत्र में त्रुटि मॉड्यूल का प्रयोग करें और त्रुटियों को दुरूस्त करें। बैठक में नगराधीश प्रीति रावत, डीआरओ बलराज सिंह दांगी, सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



