2006 बैच के वरिष्ठ आईपीएस ओम प्रकाश नरवाल ने वीरवार को साउथ रेंज रेवाड़ी के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) के रूप में अपना कार्यभार संभाला।
रेवाड़ी। 2006 बैच के वरिष्ठ आईपीएस ओम प्रकाश नरवाल ने वीरवार को साउथ रेंज रेवाड़ी के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) के रूप में अपना कार्यभार संभाला। इससे पहले वह आईजीपी (हरियाणा आर्म्ड पुलिस, एचएपी मधुबन के पद पर कार्यरत थे, जहां से स्थानांतरित होकर वे रेवाड़ी आए हैं।
वीरवार की सुबह साउथ रेंज कार्यालय में पहुंचने पर नवनियुक्त आईजीपी को पुलिस की पारंपरिक सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई। इस मौके पर एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा, महेंद्रगढ़ के एसपी दीपक और उक्त रेंज के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गुलदस्ते देकर सम्मान किया।आईजीपी ओपी नरवाल सलामी लेते हुए।
गुलदस्ता भेंट कर स्वागत। नया कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आईजीपी ओम प्रकाश ने उक्त रेंज में आने वाले जिलों की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली। आईजीपी ओम प्रकाश नरवाल ने साफ किया कि साउथ रेंज में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों पर नकेल कसना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया। यह बैठक उक्त रेंज के सभी जिलों में अपराध नियंत्रण और नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए किया गया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और उनकी शिकायतों पर त्वरितकार्रवाई सुनिश्चित हो। राजमार्गों (Highways) और शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक सुचारू, बेहतर और सुरक्षित बनाना ताकि हादसों पर रोक लग सके।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता की शिकायतों का एक निश्चित समय सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से निपटारा कराया जाए। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड और अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाना तथा आम जनता को इसके प्रति जागरूक किया जाए।
बता दें कि आईपीएस ओम प्रकाश नरवाल का पुलिस सेवा में एक लंबा और बेहद प्रभावी ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। इससे पहले वे आईजी (HAP) मधुबन, पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद के साथ-साथ फतेहाबाद और जींद जैसे महत्वपूर्ण जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे चुके हैं। पुलिस सेवा में उनकी निष्ठा और सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें 'पुलिस मेडल' से भी सम्मानित किया जा चुका है।
आईजी साउथ रेंज के सभी करीब 4,500 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मिलकर एक टीम के रूप में काम करेंगे। हमारा उद्देश्य साउथ रेंज में एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना है। पुलिसिंग को पूरी तरह से जनता के अनुकूल (People-friendly) बनाया जाएगा ताकि आम आदमी बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास आ सके।