Nuh Mewat News: पीसी-पीएनडीटी, एनएचएम एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित

लिंगानुपात सुधार एवं सुरक्षित मातृत्व को लेकर प्रशासन गंभीर : अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति

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अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) ऑन पीसी-पीएनडीटी, सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की गवर्निंग बॉडी की समीक्षा बैठक लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित की गई।

नूंह: अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) ऑन पीसी-पीएनडीटी, सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की गवर्निंग बॉडी की समीक्षा बैठक लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान भारत योजना तथा पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई।IMG-20260521-WA0083बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जिले में संस्थागत प्रसव में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में फरवरी तक संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 93.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि गृह प्रसव में कमी आई है। गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीकरण तथा चौथी एएनसी जांच के मामलों में भी सुधार दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं पोषण संबंधी सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर बनाई जाए।
बैठक में बताया गया कि जिले में 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा 111 सब सेंटर कार्यरत हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं तथा लोगों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत चल रही गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी एमटीपी सेंटरों की नियमित जांच की जाए। 12 सप्ताह से अधिक अवधि वाले मामलों तथा दो जीवित बेटियों वाले मामलों की विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक मामले का ऑडिट किया जाए। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात सुधारना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ ज्योत्स्ना, एसएमओ मांडीखेडा संदीप मेहता, एसएमओ नूंह डॉ कपिल, एसएमओ तावडू डॉ निहाल, एडिशनल एसएमओ, फिरोजपुर झिरका डॉ. आदित्य, उप- सिविल सर्जन डॉ विशाल सिंगला, उप- सिविल सर्जन डॉ. प्रियंका तनेजा, डॉ. शशांक - आयुष विभाग सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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