झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों पर नूंह पुलिस सख्त, सात मामलों में कार्रवाई के निर्देश

समाज में गलत संदेश फैलाने वालों पर शिकंजा, एसपी नूंह डॉ. अर्पित जैन ने दिए कानूनी कार्रवाई के आदेश

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जिले में झूठे मुकदमे दर्ज कराकर लोगों को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक नूंह डॉ. अर्पित जैन के निर्देश पर ऐसे सात मामलों में शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं।

नूंह। जिले में झूठे मुकदमे दर्ज कराकर लोगों को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक नूंह डॉ. अर्पित जैन के निर्देश पर ऐसे सात मामलों में शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं।IMG-20260420-WA0047 इनमें छह मामले थाना पिनगवां से संबंधित हैं, जबकि एक मामला थाना बिछौर से जुड़ा हुआ है। जिला पुलिस द्वारा इन मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतकर्ताओं के खिलाफ बीएनएस की धारा 217 के तहत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए न्यायालय में कलंदरा पेश किया जाए।
जिला पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित शिकायतकर्ताओं द्वारा झूठी शिकायत देकर मुकदमे दर्ज कराए गए थे। जांच के उपरांत इन मामलों में संबंधित रिपोर्ट पहले ही प्रेषित की जा चुकी थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अब शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि झूठे मुकदमे समाज में गलत संदेश देते हैं और निर्दोष लोगों को अनावश्यक मानसिक एवं सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। ऐसे मामलों पर सख्ती बरतना आवश्यक है ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा सके। जिन मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं उनमें थाना पिनगवां के अभियोग संख्या 74 दिनांक 12 अप्रैल 2025, अभियोग संख्या 10 दिनांक 14 जनवरी 2026, अभियोग संख्या 199 दिनांक 8 सितंबर 2025, अभियोग संख्या 161 दिनांक 16 जुलाई 2025, अभियोग संख्या 216 दिनांक 28 नवंबर 2024 तथा अभियोग संख्या 80 दिनांक 17 अप्रैल 2025 शामिल हैं। वहीं थाना बिछौर के अभियोग संख्या 25 दिनांक 26 फरवरी 2026 में भी शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ.अर्पित जैन ने स्पष्ट किया कि झूठे मुकदमे दर्ज कराकर कानून का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चिन्हित करना जरूरी है ताकि समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे और निर्दोष लोगों को बेवजह परेशान न होना पड़े।
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