Gurugram news: अब आधार कार्ड की तर्ज पर बनेंगे पीपीपी स्मार्ट कार्ड
जल्द आएगा पीपीपी 2.0 : सतीश खोला
प्रदेश में डिजिटल प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार तेजी से कार्य कर रही है। पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि हरियाणा में जल्द ही पीपीपी 2.0 तथा सरल 2.0 का नया और अत्याधुनिक संस्करण लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले से अधिक सरलता और पारदर्शिता के साथ प्राप्त होगा।
गुरुग्राम: प्रदेश में डिजिटल प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार तेजी से कार्य कर रही है। पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि हरियाणा में जल्द ही पीपीपी 2.0 तथा सरल 2.0 का नया और अत्याधुनिक संस्करण लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले से अधिक सरलता और पारदर्शिता के साथ प्राप्त होगा।
डॉ. खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच है कि हरियाणा देश में डिजिटिलाइजेशन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बने। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार नई तकनीकों और डिजिटल व्यवस्थाओं को अपनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पीपीपी 2.0 लागू होने के बाद परिवार पहचान पत्र से संबंधित सेवाएं और अधिक तेज, सटीक तथा उपयोगकर्ता अनुकूल होंगी। इसके साथ-साथ सरल पोर्टल 2.0 भी नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यानी आधार कार्ड की तर्ज पर पीपीपी स्मार्ट कार्ड बनाने को लेकर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। प्रस्तावित स्मार्ट कार्ड में परिवार से संबंधित आवश्यक डिजिटल जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में नागरिकों को सुविधा मिलेगी। इससे सरकारी रिकॉर्ड भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नागरिकों की आय सत्यापन से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सरकार एक नई व्यवस्था लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत गांवों में ग्राम सभाओं तथा शहरों में वार्ड समितियों को आय सत्यापन से जुड़े मामलों के समाधान की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना तथा गलत आय विवरण से संबंधित विवादों को स्थानीय स्तर पर पारदर्शी तरीके से निपटाना है।
डॉ. खोला ने कहा कि सरकार इस व्यवस्था को प्रारंभिक चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की तैयारी कर रही है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के समाधान से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा प्रशासनिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
डॉ. सतीश खोला ने कहा कि हरियाणा सरकार का मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से आम नागरिकों को सशक्त बनाना है। प्रदेश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार में कमी आएगी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में हरियाणा डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित होगा।

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