Nuh News: जिला प्रशासन ने जल शक्ति अभियान के तहत वर्षा जल संरक्षण के लिए आमजन से सहयोग की अपील

भूजल स्तर सुधार एवं वर्षा जल संचयन हेतु सोक पिट, चेक डेम, तालाब, ट्रेंच (Trench), रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर आदि बनाने पर दें विशेष ध्यान : उपायुक्त अखिल पिलानी

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उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में बुधवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में भूजल स्तर सुधारने तथा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोक पिट, चेक डेम, तालाब, ट्रेंच (Trench), रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर आदि योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।

नूंह: उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में बुधवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में भूजल स्तर सुधारने तथा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोक पिट, चेक डेम, तालाब, ट्रेंच (Trench), रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर आदि योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु से पूर्व अधिक से अधिक सोक पिट, चेक डेम, तालाब, ट्रेंच (Trench) तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि वर्षा के जल का संरक्षण कर भूजल स्तर को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए वर्षा जल संचयन वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बन गया है।IMG-20260520-WA0076उन्होंने कहा कि सोक पिट, चेक डेम, तालाब, ट्रेंच (Trench) तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर के माध्यम से वर्षा के पानी को जमीन के अंदर पहुंचाकर जल संरक्षण किया जा सकता है, जिससे भूजल स्तर में सुधार संभव होगा। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर इन संरचनाओं का निर्माण किया जाए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को भी अपने घरों, संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों में वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने के लिए जागरूक किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों को जल संरक्षण के लिए सोक पिट, चेक डेम, तालाब, ट्रेंच (Trench) तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर निर्माण के लगभग 3000 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्यवाही करें तथा इन संरचनाओं की जानकारी जल शक्ति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।
 
उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन के उपाय अपनाकर भविष्य के लिए जल बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। साथ ही सोक पिट, चेक डेम, तालाब, ट्रेंच (Trench), रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर आदि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा लोगों को इसके लाभों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि जल संरक्षण अभियान को व्यापक सफलता मिल सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति, एसडीएम तावडू जितेंद्र गर्ग, एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मी नारायण तथा एसडीएम नूंह कुंवर आदित्य विक्रम, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग आफताब रहमान खान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
 
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