Gurugram News:जलभराव से निपटने की कवायद : कहीं कागजी साबित ना हो जाए तैयारियां

-- समीक्षा बैठकों में मातहतों पर भरोसा कर रहे उच्चाधिकारी -- हर बार होता है बेहतर प्रबंधन का दावा, फिर पानी में बह जाते हैं

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शहर के लिए नासूर बन चुके मानसूनी जलभराव को लेकर एक बार फिर व्यापक तैयारियों का तामझाम बताकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं। ऐसे ही दावे हर साल होते हैं, लेकिन जब मानसून आता है तो सारे दावे शहर की मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों की गलियों तक बरसाती पानी में बहते नजर आते हैं।

गुरुग्राम: शहर के लिए नासूर बन चुके मानसूनी जलभराव को लेकर एक बार फिर व्यापक तैयारियों का तामझाम बताकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं। ऐसे ही दावे हर साल होते हैं, लेकिन जब मानसून आता है तो सारे दावे शहर की मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों की गलियों तक बरसाती पानी में बहते नजर आते हैं। इस बार भी व्यापक तैयारियों के दम पर जलभराव से निपटने का दावा किया जा रहा है, लेकिन डर है कि कहीं ये दावे और तैयारियां कागजी साबित ना हो जाए। उच्चाधिकारी तैयारियों का धरातल पर आकलन करने की बजाय समीक्षा बैठकों में ही मातहतों पर भरोसा कर रहे हैं। यह भरोसा हर बार शहर पर भारी पड़ा है और इस बार भी यही स्थिति हो सकती है। IMG-20260520-WA0021
हालांकि इस बार तैयारियां कुछ ज्यादा ही व्यापक हो रही है। बुधवार को निगमायुक्त  प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित सीवरेज मैनेजमैंट सेल (एसएमसी) व मानसून मैनेजमैंट सेल (एमएमसी) बैठक में शहर में जलभराव की संभावित समस्याओं, सीवर एवं ड्रेनेज सफाई, संसाधनों की उपलब्धता तथा तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में मानसून के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान करने और जलभराव की समस्या को कम करने के लिए विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गुरुग्राम शहर में कुल 155 जलभराव संभावित हॉटस्पॉट पर तेजी से कार्य चल रहा है। इनमें 41 हाइपर क्रिटिकल, 54 मध्यम श्रेणी तथा 60 सामान्य श्रेणी के पॉइंट शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन हॉटस्पॉट्स पर ड्रेनेज सुधार, सीवर सफाई, डी-सिल्टिंग एवं अन्य तकनीकी कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। इन प्वाइंट्स पर 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य है।
बैठक में जानकारी दी गई कि शहर में कुल 607 किलोमीटर स्टॉर्म वाटर ड्रेन हैं, जिनमें से 408.59 किलोमीटर की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष कार्यों को 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सीवर सफाई एवं रखरखाव से संबंधित 56 टेंडर जारी किए गए हैं। नगर निगम द्वारा मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 109 पंप एवं लगभग 63 सक्शन टैंकरों की व्यवस्था भी की गई है।
 
एस-40 सीवरेज क्रिटिकल पॉइंट्स पर विशेष फोकस
शहर में 40 सीवरेज क्रिटिकल पॉइंट्स चिन्हित करके पिछले मानसून के बाद कार्य शुरू किया गया था। इनमें से 23 प्वाइंट पर कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष प्वाइंट पर तेजी से कार्य जारी है, जिसे मानसून से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा।
नगर निगम ने मानसून से निपटने के लिए वार्डवार संसाधनों की मैपिंग भी तैयार की है। इसके तहत विभिन्न वार्डों में सीवर मैन, सुपरवाइजर, सक्शन टैंकर, ट्रैक्टर माउंटेड पंप, जनशक्ति, रोड गली फ्रेम एवं जनरेटर की तैनाती सुनिश्चित की गई है। शहर भर में कुल 269 सीवर मैन, 84 सक्शन टैंकर, 89 ट्रैक्टर माउंटेड पंप तथा 119 बेलदारों की तैनाती की योजना बनाई गई है।
 
तकनीक और निगरानी पर भी जोर
नगर निगम द्वारा लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जलभराव की स्थिति की निगरानी की जाएगी। साथ ही फ्लड डेटाबेस तैयार करने, फ्लड डेप्थ सेंसर लगाने तथा नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
 
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