नाबालिग को अगवा कर धमकी देने वाले दोषी को 10 साल कैद, 17 हजार रुपये जुर्माना
जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अगवा करने और धमकी देने के मामलें में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
नूंह: जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अगवा करने और धमकी देने के मामलें में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. अशु संजीव तिंजन की अदालत द्वारा सुनाया गया।
मामला वर्ष 2023 का है और थाना सदर तावडू क्षेत्र से संबंधित है। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी नाबालिग बेटी स्कूल से रोजाना की तरह बस से गांव पहुंची थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिवार ने तलाश शुरू की तो गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक युवक उसे मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। बाद में मोबाइल नंबरों और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान राजस्थान के अलवर जिले एक गांव के रहने वाले के रूप में हुई। पुलिस ने मामलें में अपहरण समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता को बरामद कर साक्ष्य एकत्रित किए गए तथा अदालत में उसके बयान दर्ज कराए गए। पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच के आधार पर मामलें में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई । नूंह पुलिस ने अदालत में मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर करीब तीन वर्ष चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं। साथ ही आरोपी को 17 हजार रुपये जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने मामलें में आवश्यक साक्ष्य जुटाकर अदालत में प्रभावी ढंग से पेश किए, जिसके चलते आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली।





