दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में एक अन्य आरोपी गिरफ्तार
साइबर क्राइम थाना रेवाड़ी पुलिस ने धारूहेड़ा के सेक्टर 6 निवासी एक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
रेवाड़ी। साइबर क्राइम थाना रेवाड़ी पुलिस ने धारूहेड़ा के सेक्टर 6 निवासी एक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी की पहचान दिल्ली के बिजवासन के होली चौक निवासी रोहित के रूप में हुई। इस मामले में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है।
गत 22 अप्रेल को धारूहेड़ा के सेक्टर - 6 निवासी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी राजपाल सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि गत 27 व 28 फरवरी को उसके फोन पर अनजान व्यक्ति के फोन आए। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस से बताते हुए कहा कि उसकी सिम बंद होने वाली है। उसकी आईडी से गलत ढंग से सिम खरीदी गई है। उसके खिलाफ मुबंई में एफआईआर दर्ज है। उसे बताया गया कि उसके नंबर से न्यूड फोटो और वीडियो भेजे जा रहे हैं। इसके बाद एक अन्य नंबर से आए फोन पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले शख्स ने कहा कि उसे डिजिटल अरेस्ट किया गया है। अगर वह बचना चाहता है, तो उसके बताए गए खाता नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने होंगे। शुरू में उसने कुछ रकम ट्रांसफर की, तो उसे मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी देते हुए पैसे ट्रांसफर करा लिए। उसे और उसकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने और किसी से संपर्क नहीं करने को कहा गया। उसे बार - बार डराकर 3 मार्च से 20 अप्रैल तक कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए।
गत 22 अप्रेल को धारूहेड़ा के सेक्टर - 6 निवासी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी राजपाल सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि गत 27 व 28 फरवरी को उसके फोन पर अनजान व्यक्ति के फोन आए। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस से बताते हुए कहा कि उसकी सिम बंद होने वाली है। उसकी आईडी से गलत ढंग से सिम खरीदी गई है। उसके खिलाफ मुबंई में एफआईआर दर्ज है। उसे बताया गया कि उसके नंबर से न्यूड फोटो और वीडियो भेजे जा रहे हैं। इसके बाद एक अन्य नंबर से आए फोन पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले शख्स ने कहा कि उसे डिजिटल अरेस्ट किया गया है। अगर वह बचना चाहता है, तो उसके बताए गए खाता नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने होंगे। शुरू में उसने कुछ रकम ट्रांसफर की, तो उसे मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी देते हुए पैसे ट्रांसफर करा लिए। उसे और उसकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने और किसी से संपर्क नहीं करने को कहा गया। उसे बार - बार डराकर 3 मार्च से 20 अप्रैल तक कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए। उसके फोन पर एक एप डाउनलोड कराने के बाद निगरानी रखी गई, जिससे वह और उसकी पत्नी कमरे में बंधक बने रहे। राजपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मोबाइल फोन पर एप डाउनलोड कराने के बाद उसे और उसकी पत्नी को ऑनलाइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट, जज और फर्जी रसीद दिखाए गए। फर्जी जज ने प्रॉपर्टी की वेरिफिकेशन करते हुए उसे बेचैन कर और 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा।
पुलिस ने साइबर थाना रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज करके मामले में संलिप्त 6 आरोपी राजस्थान के जिला करौली के गांव पांचौली निवासी रौनक जाटव, इसी जिले के गांव रिठौली निवासी पंकज सैनी, यूपी के जिला महोबा के गांव झीर सहेवा हाल किरायेदार जिला गुरुग्राम के नरसिंहपुर निवासी सुषमा, उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के रुड़की के मोहल्ला गणेशपुर निवासी दिवान्शु, एमपी के जिला भिंड के गांव मुरावली हाल आबाद कौच तिराहा निवासी मानवेंद्र कौरव व एमपी के जिला दतिया के गांव परासरी निवासी मनविंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में पुलिस ने बुधवार को मामले में संलिप्त एक और आरोपी दिल्ली के बिजवासन के होली चौक निवासी रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को पेश अदालत करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल, ट्राई, पुलिस या सीबीआई के नाम पर की गई धमकियों से डरें नहीं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।




