जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने पलवल, होडल व हथीन मे लगाई राष्ट्रीय लोक अदालत

राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए किया गया लंबित मामलों का निपटारा

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राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला पलवल की अदालतों में हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। 

पलवल:  राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला पलवल की अदालतों में हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल की चेयरपर्सन राज गुप्ता के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्राधिकरण के सचिव हरीश गोयल के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों का निपटारा करने के लिए जिला न्यायालय परिसर पलवल, होडल एवं हथीन की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालतें लगाई गई। इन लोक अदालतों में कुल 10411 केसों में से 5081 केसों का निपटारा किया गया और कुल 04 करोड़ 31 लाख 90 हजार 534 रुपए की हुई सेटलमेंट हुई।

राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी विचाराधीन मामलों के निपटारे के लिए प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पायल मित्तल, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रतीक जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजलि जैन, अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ प्रभाग) सीमा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साक्षी सैनी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विनय काकरान , हथीन और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विवेक कुमार होडल की न्यायिक पीठों का गठन किया गया।

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 इन न्यायिक पीठों में प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता फुलवाश, महिपाल बघेल, किरण बाला, संजय सिंह वर्मा, ऋचा, टेकचंद हथीन और रंधावा बैंसला होडल को भी बतौर सदस्य पीठ में शामिल किया गया। प्राधिकरण के अधिवक्ता (डिफेंस काउंसिल) नवीन रावत, जगत रावत, संदीप गुप्ता और पिंकी शर्मा ने भी लोक अदालत में बतौर रिमांड काउंसिल सहयोग किया।

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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के सचिव हरीश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत प्री-लोक अदालतों का आयोजन किया गया था। इन प्री-लोक अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत के मद्देनजर लंबित मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा लोक अदालत के माध्यम से वाहन दुर्घटना मुआवजा, बैंक वसूली, राजीनामा योग्य फौजदारी मामले, बिजली एवं पानी के बिल संबंधी मामले, श्रम विवाद, सभी प्रकार के पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, राजस्व आदि मामलों को भी निपटाने का हर संभव प्रयास किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विवादों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाने का प्रयास किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट और बिजली चोरी के मामलों की भी सुनवाई की गई।

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