शहर में डीजे नहीं 'डेथ-वार' बिना लाइसेंस के मच रहा शोर, कांप रही मकानों की नींव!
प्रशासन मौन, डीजे बेखौफ: 'बेस' के कंपन से दरक रही दीवारें, क्या बड़े हादसे का इंतज़ार है?
शहर सहित क्षेत्र में चल रहे डीजे के पीछे की एक कड़वी सच्चाई यह भी सामने आई है कि इनमें से अधिकांश संचालकों के पास डीजे बजाने या वाणिज्यिक उपयोग का कोई वैध लाइसेंस ही नहीं है। बिना किसी कानूनी अनुमति के ये गाड़ियां सड़कों पर 'मौत का शोर' फैला रही हैं, जिससे आमजन का नुकसान हो रहा है।
तावडू: शहर सहित क्षेत्र में चल रहे डीजे के पीछे की एक कड़वी सच्चाई यह भी सामने आई है कि इनमें से अधिकांश संचालकों के पास डीजे बजाने या वाणिज्यिक उपयोग का कोई वैध लाइसेंस ही नहीं है। बिना किसी कानूनी अनुमति के ये गाड़ियां सड़कों पर 'मौत का शोर' फैला रही हैं, जिससे आमजन का नुकसान हो रहा है।
सूत्रों के हवाले से अवैध तरीके से चल रहा है लाखों का कारोबार जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि शहर में चलने वाले अधिकतर डीजे अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। न तो इनके पास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग का परमिट है और न ही इन्होंने प्रशासन से इसकी कोई अनुमति ली है। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ये लोग न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि सरकार के राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं।
हैरानी की बात तो यह है कि बिना लाइसेंस के चल रहे इन संचालकों में कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं है। जब कोई नागरिक मकान कांपने या बीमार होने की शिकायत लेकर इनके पास जाता है, तो ये संचालक जानबूझकर 'फुल बेस' खोल देते हैं। कंपन इतना तेज होता है कि घरों की नींव तक हिल रही है। यह सीधे तौर पर 'क्रिमिनल इंटेंट' (आपराधिक मंशा) का मामला बनता है।
प्रशासन से जनता की मांग: नफीस खान, सलीम खान, शौकत अली, खालिद हुसैन, जाकिर हुसैन, दीपक सुरेश, महिपाल, रतीभान, राजकुमार, विमला देवी, शशि बाला, पूनम, पुष्पा, गीता, सीमा रानी, पिंकी देवी आदि पीड़ित जनता ने अब प्रशासन और पुलिस विभाग से गुहार लगाई है कि केवल जुर्माना लगाकर छोड़ने के बजाय, इन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। और बिना परमिट के चल रहे सभी डीजे सिस्टम और गाड़ियों को तुरंत प्रभाव से सीज किया जाए।
लोगों का कहना है कि शांति भंग करने और सार्वजनिक संपत्ति (मकानों) को नुकसान पहुंचाने के आरोप में संचालकों पर केस दर्ज हो, ओर सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में साउंड लिमिटर अनिवार्य किया जाए, वही बिना लाइसेंस के डीजे बजाना और मना करने पर शोर बढ़ाना सीधे-सीधे गुंडागर्दी है। प्रशासन को चाहिए कि इनके महंगे साउंड सिस्टम को जब्त कर इन्हें कड़ा सबक सिखाए।
अभिमन्यु लोहान डीएसपी तावडू ने कहा कि यह मामला मेरी संज्ञान में अभी आया है जो भी शांति भंग करने और शिकायत करने पर जानबूझकर शोर बढ़ाने की हरकत करता है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सीधे तौर पर गुंडागर्दी और सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ है। सभी आज सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि देर रात और बिना अनुमति बजने वाले डीजे पर तुरंत एक्शन लें। उपद्रवी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।




