Palwal news- मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

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सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ ने कहा कि मानसून के दौरान मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।

पलवल, सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ ने कहा कि मानसून के दौरान मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।IMG-20260708-WA0021 सिविल सर्जन ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि मलेरिया की रोकथाम में सभी लोग अपना सहयोग दें। कहीं पर भी पानी जमा ना होने दें। उन्होंने बताया कि अभी तक जिले में 2 केस मलेरिया के सामने आए है। यदि हम सभी एहतियात  बरतें तो निश्चित तौर पर मलेरिया की बीमारी को फैलने नहीं दिया जाएगा।  

सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ ने कहा कि मलेरिया एक जानलेवा संक्रामक बीमारी है। जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। मलेरिया बुखार में अक्सर एक दिन छोडकर तेज ठंड लगती है और पसीना आने के साथ बुखार उतर जाता है। मरीज को अत्यधिक कमजोरी,सिरदर्द,मांसपेशियों में दर्द,उल्टी और दस्त के लक्षण दिखाई देते है। मलेरिया बुखार में बचाव के लिए मच्छरों से बचने के लिए फुल बाजू के कपडे पहने और मच्छरदानी का उपयोग करें। अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दे। उपचार के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र या सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों से परामर्श लें। सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाऐं। घर की नालियों की सफाई करें। नालियों में काला तेल डालें। घर में पीने के पानी की टंकी की सफाई करें। छत पर रखे हुए गमलों,खाली बर्तनों की सफाई करें। कूलर की सफाई करें। उन्होंने कहा कि मच्छर हमेशा रुके हुए पानी में ही पनपते है। इनमें डेंगू और मलेरिया के मच्छर मुख्य रूप से शामिल है।

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