Gurugram News: अब सोसायटियों का सीवेज भी होगा ट्रीट, देना होगा निर्धारित शुल्क
नखड़ौला में तीन एकड़ भूमि पर बनाया एसटीपी, अवैध डिस्चार्ज पर लगेगी रोक
हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने नगर निगम मानेसर की ओर से गांव नखड़ौला में बनाए गए 3 एमएलडी के एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, क्षमता और उपचारित जल के उपयोग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
गुरुग्राम: हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने नगर निगम मानेसर की ओर से गांव नखड़ौला में बनाए गए 3 एमएलडी के एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, क्षमता और उपचारित जल के उपयोग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

ढेसी ने कहा कि नगर निगम निर्धारित शुल्क लेकर आसपास की आवासीय सोसाइटियों के सीवेज का भी इस एसटीपी में उपचार कर सकते है, जिससे चोरी छिपे खुले क्षेत्रों में अवैध रुप से सीवेज छोड़ने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान डीएस ढेसी ने कहा कि वर्तमान समय में कई स्थानों पर सीवेज से भरे टैंकर अवैध रूप से खुले क्षेत्र में अपशिष्ट छोड़ देते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित होती है। यदि आसपास की सोसायटियों के सीवेज को नगर निगम के एसटीपी में उपचारित किया जाए तो इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने प्रधान सलाहकार को परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 8 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से तैयार यह 3 एमएलडी क्षमता का एसटीपी डेढ़ वर्ष में तैयार हुआ है। प्रदीप सिंह ने बताया कि एचएसवीपी की मास्टर सीवर लाइन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण निगम क्षेत्र के कई गांवों में सीवेज निकासी प्रभावित हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव नखड़ौला और रामपुरा के सीवेज का उपचार करने हेतु इस आधुनिक एसटीपी का निर्माण कराया गया।
आयुक्त प्रदीप सिंह ने बताया कि इस परियोजन के शुरू होने से न केवल दोेनों गांवों की सीवेज निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग 48 स्थित रामपुरा चैक पर बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का भी स्थायी समाधान मिलेगा। इसके अलावा उपचारित जल के उपयोग से गांव रामपुरा के जोहड़ का भी जीर्णोद्धार हो सकेगा। नगर निगम भविष्य में उपचारित जल के अधिकतम उपयोग की दिशा में कार्य करेगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। एसटीपी का संचलान पूरी क्षमता और निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
इस दौरान उनके साथ नगर निगम के एक्सईएन मंदीप धनखड़, एसडीओ अनिल मलिक, जेई दिपेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
संबंधित समाचार



