Palwal News : दीघोट उप-मंडल के कई गांवों में बिजली निगम का बड़ा छापा
9 मामलों में करीब 40 किलोवाट की चोरी पकड़ी
बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए बिजली निगम के पलवल सर्कल के अंतर्गत दीघोट उप-मंडल की सतर्कता विंग और ऑपरेशन विंग की संयुक्त टीम ने एक बड़ा चेकिंग अभियान चलाया।
पलवल: बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए बिजली निगम के पलवल सर्कल के अंतर्गत दीघोट उप-मंडल (S/Divn) की सतर्कता विंग (Vigilance Wing) और ऑपरेशन विंग (Operation Wing) की संयुक्त टीम ने एक बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। 
इस विशेष अभियान के तहत उप-मंडल के 3-4 गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसमें बिजली चोरी के कुल 9 मामले पकड़े गए। इन सभी मामलों को मिलाकर मौके पर कुल 40 किलोवाट (KW) का अवैध लोड पाया गया।
सेलोथी गांव में ट्रांसफार्मर से सीधे हुकिंग कर चलाया जा रहा था 18 KW लोड
इस छापेमारी के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई सेलोथी गांव में देखने को मिली। यहाँ जांच टीम ने पाया कि वितरण ट्रांसफार्मर की एलटी (LT) रॉड से सीधे तार जोड़कर (डायरेक्ट हुकिंग के जरिए) सीधे तौर पर बिजली की बड़ी चोरी की जा रही थी। इस अकेले परिसर पर ही करीब 18 किलोवाट (KW) का भारी-भरकम कनेक्टेड लोड अवैध रूप से चलता हुआ पाया गया। जुर्माना और मूल्यांकन: पकड़े गए सभी डिफ़ॉल्टर्स के खिलाफ बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 135 (Section 135) के तहत निगम के नियमों और निर्देशों के अनुसार जुर्माना व असेसमेंट (मूल्यांकन) की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। भविष्य में जारी रहेगा अभियान: निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि बिजली चोरी के खिलाफ यह संयुक्त चेकिंग अभियान भविष्य में भी इसी तरह आक्रामक रूप से जारी रहेगा। लाइन लॉस (Line Losses) को कम करने और ईमानदार उपभोक्ताओं को सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरे सर्कल में लगातार छापेमारी की जाएगी। विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे वैध मीटर से ही बिजली का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अवैध हुकिंग से दूर रहें।

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