Gurugram News: गुरुग्राम फायर ऑफिसर के खिलाफ जमानती वारंट, RTI आयोग सख्त
16 मीटर से ऊंची इमारतों की फायर NOC का रिकॉर्ड नहीं देने और सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई
हरियाणा सूचना आयोग ने RTI मामले में गुरुग्राम के सीनियर फायर ऑफिसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जमानती वारंट जारी किया है। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई और आयोग में मामले की सुनवाई के दौरान बार-बार अनुपस्थित रहे।
गुरुग्राम: हरियाणा सूचना आयोग ने RTI मामले में गुरुग्राम के सीनियर फायर ऑफिसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जमानती वारंट जारी किया है। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई और आयोग में मामले की सुनवाई के दौरान बार-बार अनुपस्थित रहे। आयोग ने अधिकारी के रवैये को गंभीरता से लेते हुए इसे RTI कानून के प्रावधानों की अनदेखी माना है।

मामला RTI कार्यकर्ता हरिंद्र ढींगड़ा की ओर से दायर अपील से जुड़ा है। उन्होंने गुरुग्राम में 16 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों को जारी की गई फायर एनओसी से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही ऐसी इमारतों पर नियमों के तहत की गई कार्रवाई, नोटिस और संबंधित विभागीय रिकॉर्ड की प्रतियां भी मांगी गई थीं।
आयोग की सुनवाई में भी नहीं पहुंचे अधिकारी
मामले की सुनवाई के दौरान सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने पर आयोग ने अधिकारी को उपस्थित होकर पक्ष रखने के निर्देश दिए। इसके बावजूद सीनियर फायर ऑफिसर निर्धारित सुनवाई में कई बार गैरहाजिर रहे। आयोग की ओर से समन जारी किए जाने के बाद भी अधिकारी की अनुपस्थिति जारी रही।
आयोग ने इस रवैये को गंभीर मानते हुए अब पुलिस कमिश्नर, गुरुग्राम के माध्यम से जमानती वारंट तामील कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही अधिकारी को अगली सुनवाई में पेश करने की जिम्मेदारी पुलिस को दी गई है।
सरकारी इमारतों के रिकॉर्ड भी मांगे थे
RTI में केवल ऊंची इमारतों की NOC से जुड़ी जानकारी ही नहीं, बल्कि शहर के प्रमुख सरकारी परिसरों के फायर सेफ्टी रिकॉर्ड भी मांगे गए थे। इनमें मिनी सचिवालय, सोहना चौक स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय, नगर निगम कार्यालय, हुडा प्रशासक कार्यालय, नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय, जिला कोर्ट परिसर, HSIIDC और कादरपुर स्थित सीआरपीएफ परिसर शामिल थे।
आयोग के समक्ष यह भी सामने आया कि मांगी गई सूचनाओं और संबंधित दस्तावेजों को उपलब्ध कराने के बजाय मामला लंबे समय तक लंबित रहा। इसके बाद आयोग ने अधिकारी के आचरण को RTI कानून के प्रति लापरवाही के तौर पर लिया।
1 अक्टूबर को पेश करने के निर्देश
हरियाणा सूचना आयोग ने पुलिस को निर्देश दिया है कि सीनियर फायर ऑफिसर की 1 अक्टूबर को आयोग के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। आयोग की इस कार्रवाई को RTI के तहत मांगी गई सरकारी सूचनाओं को गंभीरता से लेने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



