Gurugram News: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दो स्टेशनों पर बनेंगे शॉपिंग मॉल
मेट्रो की आय बढ़ाने के साथ यात्रियों को सस्ता किराया देने की योजना
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत मेट्रो के दो प्रस्तावित स्टेशन परिसरों में करीब चार-चार एकड़ जमीन पर शॉपिंग मॉल विकसित किए जाएंगे। इन मॉल से होने वाली आय का इस्तेमाल मेट्रो संचालन की लागत कम करने और यात्रियों को सस्ता किराया उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
गुरुग्राम: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत मेट्रो के दो प्रस्तावित स्टेशन परिसरों में करीब चार-चार एकड़ जमीन पर शॉपिंग मॉल विकसित किए जाएंगे। इन मॉल से होने वाली आय का इस्तेमाल मेट्रो संचालन की लागत कम करने और यात्रियों को सस्ता किराया उपलब्ध कराने में किया जाएगा।

जीएमआरएल ने इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। योजना के अनुसार द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर-101 यानी धनवापुर गांव के पास प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन परिसर में करीब चार एकड़ जमीन पर शॉपिंग मॉल विकसित किया जाएगा। मॉल को मेट्रो के प्रवेश और निकास द्वार के नजदीक रखने की योजना है। इससे यात्रियों को खरीदारी के साथ पार्किंग की सुविधा भी मिल सकेगी।
दूसरा शॉपिंग मॉल उद्योग विहार फेज-6 में प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन के पास विकसित करने की योजना है। यहां एचएसवीपी की खाली जमीन उपलब्ध है। फिलहाल इस जमीन पर कूड़ा डाले जाने की शिकायतें हैं। करीब चार एकड़ जमीन मॉल के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। इस मॉल से सेक्टर-10ए, सेक्टर-10, सरस्वती एन्क्लेव, कादीपुर, गाड़ौली सहित आसपास की कॉलोनियों और गांवों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
दुकानों से होगी अतिरिक्त आय: जीएमआरएल की योजना के तहत मॉल की दुकानों को किराये पर दिया जाएगा। इससे मिलने वाली आय का इस्तेमाल मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन तथा संचालन संबंधी खर्चों में किया जाएगा। इससे मेट्रो के संचालन पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा और यात्रियों को अपेक्षाकृत सस्ता किराया उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस प्रस्ताव को अगले सप्ताह मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में रखा जाना प्रस्तावित है।
स्टेशनों के प्रवेश-निकास के लिए भी मांगी जमीन: मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार के निर्माण के लिए भी जीएमआरएल ने एचएसवीपी से जमीन मांगी है। उद्योग विहार फेज-6 में दो स्थानों पर करीब 1200 वर्ग मीटर, सेक्टर-37 स्टेशन के लिए करीब 950 वर्ग मीटर और बसई स्टेशन के लिए करीब 800 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत बताई गई है। वहीं सेक्टर-101 स्टेशन के प्रवेश-निकास द्वार के लिए करीब 1200 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है।
31.25 किलोमीटर लंबी है परियोजना: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की कुल लंबाई करीब 31.25 किलोमीटर है। फिलहाल पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक करीब 14.88 किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा है। सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक दूसरे चरण के लिए जल्द टेंडर जारी किए जाने की तैयारी है।
परियोजना के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-45, यूनिटेक साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई, सेक्टर-101, सेक्टर-9, सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, रेलवे स्टेशन, अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा और पालम विहार सहित कई स्थानों पर मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।




