Gurugram News: बारिश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासन का ‘फुल अलर्ट’, बस रूट से लेकर रेस्क्यू तक पुख्ता इंतजाम

जलभराव वाले रास्तों पर स्कूल बसों की नो-एंट्री, ट्रैफिक पुलिस देगी रियल-टाइम अपडेट; फंसी बसों के लिए रोडवेज की अतिरिक्त बसें रहेंगी तैयार

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मानसून की भारी बारिश के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अब पूरी व्यवस्था को अलर्ट मोड पर कर दिया है। सोमवार की बारिश में कुछ स्कूल बसों के प्रभावित होने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डीसी उत्तम सिंह ने अंतर-विभागीय कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक लेकर स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

गुरुग्राम: मानसून की भारी बारिश के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अब पूरी व्यवस्था को अलर्ट मोड पर कर दिया है। सोमवार की बारिश में कुछ स्कूल बसों के प्रभावित होने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डीसी उत्तम सिंह ने अंतर-विभागीय कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक लेकर स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का फोकस अब केवल ट्रैफिक प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूल रूट की निगरानी, जल निकासी, वैकल्पिक मार्ग, बस स्टॉप और आपातकालीन रेस्क्यू तक पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
 
dc uttam singh
सबसे अहम व्यवस्था के तहत ट्रैफिक पुलिस को स्कूल बस रूटों पर जलभराव की रियल-टाइम जानकारी स्कूलों तक पहुंचानी होगी। बारिश या मौसम विभाग की चेतावनी वाले दिनों में सुबह 5:30 बजे, 10:30 बजे और 12:30 बजे रूट की स्थिति की रिपोर्ट जारी होगी। यदि तेज बारिश के कारण कोई सड़क अचानक बंद होती है या जलभराव की स्थिति गंभीर होती है तो 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट जारी करना होगा।
प्रशासन ने स्कूलों को साफ निर्देश दिए हैं कि जिस मार्ग को जलभराव के कारण असुरक्षित घोषित किया गया है, उस पर स्कूल बस नहीं भेजी जाएगी। सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने पर उसका इस्तेमाल होगा और यदि वैकल्पिक रास्ता भी संभव नहीं है तो विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में स्टाफ की निगरानी में रखा जाएगा। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को तत्काल सूचना देने के निर्देश हैं। भारी बारिश के दौरान छुट्टी भी जलभराव की स्थिति के आधार पर चरणबद्ध तरीके से करने को कहा गया है।
प्रशासन ने बस स्टॉप को लेकर भी सख्ती बरती है। किसी बच्चे को जलभराव वाले या बिना निगरानी वाले बस स्टॉप पर नहीं उतारा जाएगा। बच्चे को केवल उसके अभिभावक या अधिकृत संरक्षक को ही सौंपा जाएगा। प्रत्येक बस में स्टाफ एस्कॉर्ट, पर्याप्त पेयजल और चालक की विशेष ब्रीफिंग अनिवार्य होगी। चालकों को जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास में बस नहीं ले जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल बसों की आवाजाही के दौरान ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त निगरानी रहेगी। डीसीपी ट्रैफिक को संवेदनशील रूटों पर पुलिसकर्मियों के साथ जरूरत के अनुसार टो-व्हीकल और पीसीआर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। सुबह 7 से 9 बजे और दोपहर 12 से 3 बजे के दौरान स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता दी जाएगी।
बस फंसी तो रोडवेज संभालेगा मोर्चा। बारिश या मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें सुरक्षित स्थानों पर स्टैंडबाय रहेंगी। जलभराव में फंसी या खराब हुई स्कूल बसों से विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान अथवा स्कूल तक पहुंचाने के लिए इन बसों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में कोई विद्यार्थी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
स्कूलों और प्रशासन के बीच सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को जिले के सभी सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों तथा ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को जोड़कर समर्पित व्हाट्सऐप ब्रॉडकास्ट ग्रुप और बल्क एसएमएस/ई-मेल सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस की प्रत्येक रिपोर्ट स्कूलों तक 15 मिनट के भीतर पहुंचानी होगी। यह व्यवस्था सोहना, पटौदी, मानेसर, फर्रुखनगर और बादशाहपुर समेत पूरे जिले में लागू होगी।
स्कूलों को भी अपने स्तर पर ट्रांसपोर्ट इंचार्ज या रूट सेफ्टी ऑफिसर नियुक्त करना होगा। बारिश के दौरान बेसमेंट या परिसर के निचले हिस्सों में विद्यार्थियों की असेंबली नहीं होगी। स्कूल परिसरों में विद्युत पैनल और खुले तारों की जांच भी सुनिश्चित करनी होगी।
प्रशासन ने स्कूल बस रूटों और स्कूल गेट के आसपास जल निकासी को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद मानेसर, एचएसवीपी, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर), एनएचएआई और हरियाणा रोडवेज को अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित जलभराव वाले स्थानों पर बारिश के दौरान और उसके बाद निगरानी रखने को कहा गया है। रोडवेज को 48 घंटे के भीतर अतिरिक्त बसों और चालकों की संख्या तथा उनके स्टैंडबाय स्थानों की जानकारी प्रशासन को देनी होगी।
स्कूल बस के जलभराव में फंसने या किसी बच्चे की सुरक्षा खतरे में पड़ने पर तत्काल जीएमडीए/एमसीजी हेल्पलाइन 18001801817 अथवा व्हाट्सऐप नंबर 9821395354 पर सूचना देने को कहा गया है।
पूरी व्यवस्था की निगरानी एडीसी सोनू भट्ट करेंगी। वे प्रत्येक शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस, शिक्षा विभाग, जीएमडीए, हरियाणा रोडवेज और नगर निगम के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक करेंगी।
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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।

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