Gurugram News: गुरुग्राम में जलभराव वाली सड़कों पर स्कूल बसों की एंट्री बैन, बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त आदेश
बारिश के दौरान खतरनाक रास्तों पर बसें नहीं चलेंगी, वैकल्पिक मार्ग नहीं मिलने पर स्कूल में ही रोकने होंगे छात्र; प्रशासन ने जारी किए सुरक्षा प्रोटोकॉल
गुरुग्राम में भारी बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर स्कूली बसों के फंसने और बच्चों को परेशानी होने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
गुरुग्राम: गुरुग्राम में भारी बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर स्कूली बसों के फंसने और बच्चों को परेशानी होने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी जलमग्न अथवा खतरनाक मार्ग से स्कूल बसों को न गुजारा जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।

जलभराव वाले रास्तों पर बस चलाने पर रोक
नए निर्देशों के मुताबिक, बारिश के दौरान यदि किसी मार्ग पर पानी भर जाता है तो स्कूल बसों को उस रास्ते पर भेजने के बजाय सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। यदि कोई सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं है, तो स्कूल प्रशासन को विद्यार्थियों को परिसर में ही सुरक्षित रखना होगा और उनके अभिभावकों को तत्काल सूचना देनी होगी।
हालिया बारिश के दौरान शहर में जलभराव के कारण स्कूली वाहनों और विद्यार्थियों के फंसने की घटनाओं के बाद अभिभावकों और आम लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली थी। लोगों ने सवाल उठाया था कि हर साल बारिश में जलभराव की स्थिति पैदा होने के बावजूद स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है।
" मुझे पूरा विश्वास है कि जीएमडीए के साथ और डीसीपी ट्रैफिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में हम यातायात प्रबंधन में सकारात्मक सुधार लाने के लिए काम कर रहे हैं, जहां हम सहायता प्रदान कर सकते हैं। हालांकि हमें जल्द ही इसकी प्रति के निर्देश प्राप्त हो जाएंगे, लेकिन मुझे इतना पता है कि हम इन चरणों पर काम कर रहे हैं और जल्द ही इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा - सत्यवीर यादव, एसीपी, ट्रैफिक मुख्यालय, गुरुग्राम पुलिस " ।
बारिश वाले दिनों में स्कूलों को मिलेगी तीन बार सड़क की जानकारी
समाचार सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने बारिश के दिनों में स्कूलों और यातायात पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
समाचार सूत्रों के अनुसार, गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस सुबह 5:30 बजे, 10:30 बजे और दोपहर 12:30 बजे स्कूलों को प्रमुख सड़कों की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराएगी। अचानक किसी मार्ग के बंद होने या हालात बिगड़ने पर स्कूलों को 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट देने की व्यवस्था भी की गई है।
स्कूल बस चालकों को जलभराव वाले अंडरपास और अन्य जोखिम वाले स्थानों में वाहन ले जाने से स्पष्ट रूप से मना किया गया है। प्रत्येक बस में चालक के साथ एक स्टाफ सदस्य की मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त पीने का पानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों को अकेले बस स्टॉप पर नहीं छोड़ा जाएगा
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किसी विद्यार्थी को ऐसे बस स्टॉप पर अकेला नहीं उतारा जाएगा जहां उसे लेने के लिए अधिकृत अभिभावक मौजूद न हो। चालक को बच्चे को सीधे अधिकृत अभिभावक के हवाले करना होगा।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि भारी बारिश की स्थिति में स्कूल परिसर के बेसमेंट या निचले हिस्सों में विद्यार्थियों को एकत्र न किया जाए। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखने के साथ स्टाफ की निगरानी अनिवार्य होगी।
आपात स्थिति में हरियाणा रोडवेज की बसें रहेंगी तैयार
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, किसी स्कूल बस के खराब होने या जलभराव के कारण रास्ते में फंसने की स्थिति से निपटने के लिए जिले में चिन्हित सुरक्षित और सूखे स्थानों पर हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें स्टैंडबाय में रखी जाएंगी। जरूरत पड़ने पर इन बसों का इस्तेमाल बच्चों को सुरक्षित निकालकर स्कूल परिसर तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
स्कूलों को बारिश के दौरान विद्यार्थियों की रवानगी से पहले बिजली के पैनल, खुले तारों और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा सभी स्कूलों को 24 घंटे के भीतर अभिभावकों और संबंधित स्टाफ के लिए अलग सूचना प्रसारण समूह बनाने को कहा गया है, ताकि मार्ग में अचानक बदलाव या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत साझा की जा सके।
नागरिकों ने स्थायी समाधान की उठाई मांग
बारिश के दौरान जलभराव को लेकर गुरुग्राम के लोगों में लगातार नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि केवल स्कूल बसों के लिए प्रतिबंध लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। शहर में जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, बंद नालों और खराब ड्रेनेज नेटवर्क की मरम्मत तथा जलभराव वाले स्थानों का स्थायी समाधान जरूरी है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई स्कूल बस जलभराव में फंसी दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित नगर निगम हेल्पलाइन पर तुरंत दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान सभी व्यवस्थाओं की प्राथमिकता विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही और उनकी जान की सुरक्षा होगी।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



