Nuh Mewat News: नलहड़ मेडिकल कॉलेज की बदहाली के खिलाफ 25 अगस्त को कांग्रेस का धरना, आफताब अहमद बोले—हक के लिए सड़क से विधानसभा तक लड़ेंगे।
शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नलहड़ में चिकित्सकीय सुविधाओं की कथित कमी और लगातार बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है।
नूंह। शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नलहड़ में चिकित्सकीय सुविधाओं की कथित कमी और लगातार बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। नूंह से कांग्रेस विधायक एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष चौधरी आफताब अहमद की अध्यक्षता में 25 अगस्त को मेडिकल कॉलेज के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। कांग्रेस ने क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।

25 अगस्त को आयोजित होने वाले धरने के भी मायने साफ नजर आते हैं क्योंकि 27 अगस्त से हरियाणा विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है वही 29 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी मेवात डवलपमेंट बोर्ड की बैठक लेने नूंह आ रहे हैं। ऐसे में इस धरने से सरकार भी सचेत होती नजर आ रही है वही लोगो की भीड़ भी ज्यादा देखने को मिल सकती है।
चौधरी आफताब अहमद ने कहा कि शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज मेवात के गरीब लोगों के लिए बड़ी सौगात थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान सोनिया गांधी और तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रयासों से यह मेडिकल कॉलेज स्थापित हुआ और शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ भी मिलने लगा था। लेकिन पिछले करीब 12 वर्षों में भाजपा सरकार की कथित लापरवाही और भेदभावपूर्ण नीति के कारण मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थिति सुधारने के लिए कांग्रेस लंबे समय से प्रयास कर रही है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद मार्च 2025 में भी धरना दिया गया था। इसके अलावा विधानसभा की कमेटी द्वारा मेडिकल कॉलेज का दौरा भी किया गया, लेकिन धरातल पर जिस स्तर के बदलाव की जरूरत थी, वह दिखाई नहीं दे रहे हैं।
आफताब अहमद ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सबसे बड़ी जरूरत विशेषज्ञ डॉक्टरों, बेहतर इलाज, ऑपरेशन की सुविधा और पर्याप्त दवाइयों की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है, न कि हर मामले में उन्हें रेफर करना।
विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर क्षेत्र के लोगों में गहरी पीड़ा और नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कई साथियों और लोगों ने उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की सलाह दी है। कांग्रेस पहले भी विधानसभा से लेकर सड़क तक इस मुद्दे को उठाती रही है और आगे भी जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।
आफताब अहमद ने रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराने पर सहमति बनी थी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी इस संबंध में आश्वासन देकर गए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री के स्तर पर दिए गए आदेशों के बावजूद काम नहीं होता तो यह सरकार की कार्यप्रणाली और गवर्नेंस पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को मेडिकल कॉलेज के सामने धरना देकर कांग्रेस पार्टी सरकार की कथित अनदेखी, भेदभाव और बेरुखी के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में पहुंचकर इस जनहित के संघर्ष में शामिल होने की अपील की।
कांग्रेस जिला संयोजक चौधरी मेहताब अहमद ने भी कहा कि मेडिकल कॉलेज मेवात के लोगों का अधिकार है और इसकी सुविधाओं में किसी भी तरह की गिरावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि मेवात के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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