Gurugram News: सावधान सभी विभाग शहर में एक साथ करेंगे तोड़फोड़!
जीएमडीए, एमसीजी और एचएसवीपी की संयुक्त अभियान की तैयारी
शहर में अब तीन बड़ी एजेंसियां मिलकर तोड़फोड़ करेंगी। जीएमडीए, एमसीजी और एचएसवीपी ने अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त अभियान की तैयारी कर ली है। इसके लिए दस एनफोर्समेंट टीमें गठित की गई है, जिनमें तीन क्यूआरटी शामिल हैं।
गुरुग्राम: शहर में अब तीन बड़ी एजेंसियां मिलकर तोड़फोड़ करेंगी। जीएमडीए, एमसीजी और एचएसवीपी ने अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त अभियान की तैयारी कर ली है। इसके लिए दस एनफोर्समेंट टीमें गठित की गई है, जिनमें तीन क्यूआरटी शामिल हैं।
गुरुवार को जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में भूमि को पुनः प्राप्त करने और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाने की सहमति बनी।

बैठक में उपायुक्त उत्तम सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया , एचएसवीपी प्रशासक वैषाली सिंह, डीसीपी मुख्यालय अंशु सिंगला, जीएमडीए मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी, जिला नगर योजनाकार आर.एस. बाठ सहित जीएमडीए, एमसीजी, एचएसवीपी, यातायात पुलिस एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अभियान के तहत सरकारी भूमि पर अस्थायी एवं स्थायी दोनों प्रकार के अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। इसमें सड़क अधिकार क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां शामिल होंगी। अवैध रूप से संचालित स्ट्रीट वेंडर, टिन शेड, पोर्टा केबिन, कियोस्क, टायर मरम्मत दुकानें एवं अन्य अनधिकृत संरचनाओं को हटाया जाएगा।
बैठक के दौरान मीणा ने जीएमडीए, एचएसवीपी और एमसीजी को संयुक्त रूप से उन स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए जहां वेंडरों एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सड़कें संकरी हो रही हैं और यातायात बाधित हो रहा है। यातायात पुलिस को भी ऐसे मार्गों की पहचान करने को कहा गया है, जहां अवैध रेहड़ी और सड़क किनारे दुकानें यातायात में बाधा उत्पन्न कर रही हैं, ताकि समन्वित कार्रवाई की जा सके।
इस अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित विभागों के जूनियर इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थायी एवं अस्थाई अतिक्रमणों की स्थानवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर भर में एक साथ कई एनफोर्समेंट टीमें तैनात की जाएंगी, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों के अधीन क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की होगी। अतिक्रमण हटाने से पहले समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक नोटिस जारी किए गए हैं , जिससे अतिक्रमणकारियों को स्वेच्छा से अवैध निर्माण हटाने का अवसर मिल सके।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि अतिक्रमण हटाने के बाद पुनः कब्जे की समस्या को रोकना एक बड़ी चुनौती है। इस हेतु जीएमडीए सड़कों की निगरानी के लिए 10 एनफोर्समेंट टीमें तैनात की गई हैं , जो सेक्टर 1 से 115 तक नियमित गश्त करेंगी तथा अतिक्रमण हटाएगी । प्रत्येक 40 किलोमीटर क्षेत्र के लिए जेसीबी, पिकअप वैन और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसी मशीनरी तैनात की गई है। साथ ही त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) का गठन किया गया है, जो शिकायतों एवं नए अतिक्रमणों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।

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