Gurugram News: ट्रैफिक नियम तोड़ा तो अब चौक पर खड़े खड़े ही दिख जाएगा चालान
शहर में स्मार्ट ट्रैफिक चालान की शुरुआत
शहर में अब अनजाने में भी ट्रैफिक नियम तोड़ा तो चौक पर खड़े खड़े ही चालान होते खुद देख सकेंगे। शहर में स्मार्ट ट्रैफिक चालान सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसका प्रयोग सोहना चौक पर किया गया है। गुरुग्राम पुलिस ने यहां एक स्मार्ट एलईडी स्क्रीन लगाई है। जिस पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का नंबर और उनके लंबित चालान की जानकारी दिखाई जाएगी। पुलिस का मानना है कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा।
गुरुग्राम: शहर में अब अनजाने में भी ट्रैफिक नियम तोड़ा तो चौक पर खड़े खड़े ही चालान होते खुद देख सकेंगे। शहर में स्मार्ट ट्रैफिक चालान सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसका प्रयोग सोहना चौक पर किया गया है। गुरुग्राम पुलिस ने यहां एक स्मार्ट एलईडी स्क्रीन लगाई है। जिस पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का नंबर और उनके लंबित चालान की जानकारी दिखाई जाएगी। पुलिस का मानना है कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा।
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ट्रैफिक पुलिस के अनुसार चौक पर लगे एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे। यह सिस्टम केंद्रीय सर्वर से जुड़ा होगा।
यदि किसी वाहन का चालान लंबित है या मौके पर कोई उल्लंघन दर्ज होता है तो कुछ ही सेकेंड में वाहन का नंबर और बकाया चालान की राशि एलईडी स्क्रीन पर दिखाई देगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना नहीं, बल्कि लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना है। उम्मीद है कि जब लोगों को पता होगा कि उनका लंबित चालान या नियम उल्लंघन सार्वजनिक डिस्प्ले पर दिख सकता है तो वे हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और सिग्नल जैसे नियमों का अधिक गंभीरता से पालन करेंगे।
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प्रमुख चौराहों तक होगा विस्तार: फिलहाल यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सोहना चौक पर शुरू की गई है। इसके परिणाम सकारात्मक रहने पर राजीव चौक, हीरो होंडा चौक और इफको चौक जैसे अन्य व्यस्त चौराहों पर भी ऐसी स्मार्ट एलईडी स्क्रीन लगाने की योजना है। पुलिस के अनुसार कैमरे लगातार वाहनों की निगरानी करेंगे। जिन वाहनों के चालान लंबे समय से लंबित हैं, उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन जब्त करने या मौके पर ही चालान जमा कराने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
दूसरे शहरों में सफल रहा है प्रयोग: देश के कुछ अन्य शहरों में भी इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। ऐसे सिस्टम का उद्देश्य चालान वसूली बढ़ाने के साथ-साथ लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन की आदत विकसित करना है। बेंगलुरु में सितंबर 2025 से सार्वजनिक डिस्प्ले सिस्टम लागू किया गया। जयपुर में मार्च 2026 से प्रमुख चौराहों पर व्यवस्था शुरू हुआ।

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