Nuh Mewat News: जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को प्रारूप मतदाता सूची की प्रतियां सौंपी
विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्रारूप मतदाता सूची पर दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया शुरू : उपायुक्त
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अखिल पिलानी ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत जिले में प्रथम चरण अर्थात गणना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। घर-घर जाकर बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा गणना प्रपत्र एकत्रित किए गए, जिसके आधार पर जिले की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है।
नूंह: जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अखिल पिलानी ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत जिले में प्रथम चरण अर्थात गणना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। घर-घर जाकर बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा गणना प्रपत्र एकत्रित किए गए, जिसके आधार पर जिले की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी, जिसके दौरान प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि जिले में कुल 655 मतदान केंद्र हैं तथा गणना से पूर्व मतदाताओं की कुल संख्या 6,59697 थी। सत्यापन के दौरान 71052 मतदाता ऐसे पाए गए जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट श्रेणी में आए। ऐसे नामों को फिलहाल प्रारूप मतदाता सूची से हटाया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है, बल्कि केवल प्रारूप सूची है। जिन मतदाताओं के नाम इस चरण में हटाए गए हैं, उन्हें अपने दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलेगा। निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने नाम के संबंध में दावा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान 12886 मतदाता ऐसे मिले जिनकी वर्ष 2002 अथवा 2004 की मतदाता सूची के साथ आवश्यक पारिवारिक अथवा अन्य प्रकार का मिलान नहीं हो सका। इसका अर्थ यह नहीं है कि उनके मताधिकार समाप्त कर दिए गए हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को बूथ स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस प्राप्त होने के बाद वे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर उनके नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि इसी प्रकार निर्वाचन आयोग की संगणक प्रणाली द्वारा 167168 मतदाताओं के अभिलेखों में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां चिन्हित की गई हैं। इनमें नाम, वर्तनी, अभिलेखों के मिलान अथवा अन्य तकनीकी अंतर जैसी स्थितियां शामिल हैं। इन सभी मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जाएंगे ताकि वे आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत कर विसंगतियों का निराकरण करा सकें। उन्होंने कहा कि कई मामलों में वर्ष 2002 की मतदाता सूची और वर्तमान अभिलेखों के बीच नाम अथवा अन्य विवरणों में अंतर पाया गया है। यदि किसी मतदाता के नाम, उपनाम या अन्य विवरण में परिवर्तन हुआ है तो संबंधित व्यक्ति आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने अभिलेखों का सत्यापन करा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के उपरांत जिले के विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की पूरी प्रक्रिया, विभिन्न श्रेणियों में किए गए सत्यापन, चिन्हित विसंगतियों तथा दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि सभी राजनीतिक दल अपने स्तर पर भी मतदाताओं को जागरूक कर सकें।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन नियमों के अनुसार बैठक के दौरान सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के लेवल एजेंटों को प्रारूप मतदाता सूची की प्रतियां भी उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए कि यदि किसी मतदाता के नाम, पते अथवा अन्य विवरण के संबंध में कोई दावा अथवा आपत्ति हो तो उसे निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत कराया जाए, जिससे अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध एवं त्रुटिरहित तैयार की जा सके।
उन्होंने कहा कि दावों एवं आपत्तियों की अधिक संख्या आने की संभावना को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग से अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की अधिसूचना भी कराई गई है, ताकि सभी मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले बूथ स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से नोटिसों का वितरण किया जाएगा। इसके बाद संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, जो जिले के उपमंडल अधिकारी हैं, प्रत्येक प्रकरण पर सुनवाई कर निर्णय देंगे। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है तो वह जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील भी कर सकता है।
उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को नोटिस प्राप्त होता है अथवा दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करनी है तो वह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 प्रकार के वैध दस्तावेजों में से उपयुक्त दस्तावेज निर्धारित अवधि के भीतर अवश्य प्रस्तुत करें, ताकि अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम सही रूप से शामिल किया जा सके।
उपायुक्त ने दोहराया कि प्रारूप मतदाता सूची को अंतिम सूची न समझा जाए। वर्तमान चरण केवल प्रारंभिक प्रकाशन का है। दावा एवं आपत्तियों तथा नोटिसों पर प्राप्त अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस अवसर पर एसडीएम नूंह कुंवर आदित्य विक्रम, एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मी नारायण, नगराधीश अप्रितम सिंह,नायब तहसीलदार चुनाव राजेंद्र हुड्डा, कांग्रेस पार्टी से महताब अहमद, आईएनएलडी ताहिर हुसैन, इब्राहिम पहलवान, बीजेपी से हेमराज शर्मा, दिनेश नागपाल, जतिन बुसरी, जेजीपी से नासिर हुसैन सहित विभिन्न पार्टीयों के बीएलए 1 मौजूद रहे।

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