Gurugram news: बुजुर्ग दंपति से 3.14 लाख की ठगी
देखभाल करने वाला अटेंडेंट निकला मास्टरमाइंड, साथी समेत गिरफ्तार
पुलिस की साइबर अपराध पूर्व थाना टीम ने बुजुर्ग दंपति के साथ 3 लाख 14 हजार 800 रुपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात का मुख्य आरोपी बुजुर्ग के घर पर मेल नर्सिंग अटेंडेंट के रूप में कार्य कर रहा था। उसने बीमार बुजुर्ग की देखभाल के दौरान उनके मोबाइल और बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर अपने साथी के साथ मिलकर लाखों रुपये ऑनलाइन गेमिंग में ट्रांसफर कर दिए।
गुरुग्राम: पुलिस की साइबर अपराध पूर्व थाना टीम ने बुजुर्ग दंपति के साथ 3 लाख 14 हजार 800 रुपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात का मुख्य आरोपी बुजुर्ग के घर पर मेल नर्सिंग अटेंडेंट के रूप में कार्य कर रहा था। उसने बीमार बुजुर्ग की देखभाल के दौरान उनके मोबाइल और बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर अपने साथी के साथ मिलकर लाखों रुपये ऑनलाइन गेमिंग में ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला: पुलिस के अनुसार इसी साल 29 अप्रैल को एक महिला ने थाना साइबर अपराध पूर्व में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि 2 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच उसकी जानकारी के बिना उसके बैंक खाते से विभिन्न यूपीआई ट्रांजैक्शन के माध्यम से 3,14,800 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मामले में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मानवेन्द्र (26 वर्ष) निवासी जिला कासगंज, उत्तर प्रदेश, अभिषेक कुमार मौर्य (25 वर्ष) निवासी जिला गोंडा, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी धीरपुर, नई दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने मानवेन्द्र को 6 जुलाई को गुरुग्राम से तथा अभिषेक कुमार मौर्य को 7 जुलाई को दिल्ली से गिरफ्तार किया।
बीमार बुजुर्ग की सेवा के बहाने रची साजिश: पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मानवेन्द्र एक अप्रैल से शिकायतकर्ता के बीमार पति की देखभाल के लिए मेल नर्सिंग अटेंडेंट के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान उसने बुजुर्ग के मोबाइल फोन में पेटीएम अकाउंट सक्रिय किया, मोबाइल की सिम अपने कब्जे में ले ली और अपने साथी अभिषेक के साथ मिलकर महिला के बैंक खाते से 3.14 लाख रुपये विभिन्न ट्रांजैक्शन के जरिए ऑनलाइन बेटिंग गेम में ट्रांसफर कर दिए।
ऑनलाइन गेमिंग में हार गए पूरे पैसे: पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ठगी की रकम ऑनलाइन बेटिंग गेम में लगाई, जहां वे सारी रकम हार गए। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल (ऑनर्स) में स्नातक हैं और दिल्ली में रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। बरामद डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

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