Ferozepur Jirkha News: सीवरेज लाइन बिछाने में अनियमितताओं के आरोप, निर्माण कार्य पर उठे सवाल
शहर के लोगों ने की सरकार से जांच की मांग।
फिरोजपुर झिरका शहर में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बिछाई जा रही नई सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य विवादों में घिरता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता, घटिया सामग्री के उपयोग और संबंधित विभाग की लापरवाही के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिरोजपुर झिरका। फिरोजपुर झिरका शहर में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बिछाई जा रही नई सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य विवादों में घिरता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता, घटिया सामग्री के उपयोग और संबंधित विभाग की लापरवाही के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

इन दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी सर्विस रोड पर सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी दौरान दो दिन पहले हुई हल्की बारिश के बाद निर्माणाधीन सीवरेज लाइन के लिए बनाए गए कई मैनहॉल जमीन में धंस गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
शहर के बाबा प्रेमचंद, राजेश कुमार, अनिल जैन, इकरामुद्दीन, सुनील बंसल सहित अन्य नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है तथा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि हल्की बारिश में ही मैनहॉल धंस रहे हैं तो भविष्य में भारी बारिश और सामान्य उपयोग के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
शहर के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सीवरेज व्यवस्था की सफाई और रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद शहरवासियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि पहले से बिछाई गई सीवरेज लाइन का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा लंबे समय से ठप पड़ा हुआ है और कई स्थानों पर पुराने मैनहॉल जमीन के नीचे दब चुके हैं, जिससे सीवर की सफाई और रखरखाव में भी भारी परेशानी आती है।
लोगों का कहना है कि नई सीवरेज लाइन का निर्माण भी यदि इसी प्रकार की लापरवाही के साथ किया गया तो करोड़ों रुपये की सरकारी राशि व्यर्थ चली जाएगी और शहरवासियों को भविष्य में भी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने राज्य सरकार और संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाए, ताकि शहर को स्थायी और बेहतर सीवरेज सुविधा मिल सके। इस बारे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ सूबेसिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार की कोताही बरतने नहीं दी जाएगी। संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य में लापरवाही न बरतने और कार्य को पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिस जगह से निर्माणाधीन मैनहॉल धंसा है वो पानी की पाइप लाइन की वजह से धंसा है अन्यथा कोई अनियमितता नहीं है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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