गुरुग्राम : कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने शनिवार को नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर शहर में चल रहे विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गुरुग्राम में विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
ठेकेदार को न दिए जाएं ज्यादा काम
राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी ठेकेदार को उसकी क्षमता से अधिक कार्य आवंटित न किया जाए। यदि कोई एजेंसी समय पर कार्य पूरा नहीं करती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि तीन महीने में पूरे होने वाले कार्य यदि छह महीने या एक वर्ष तक अधूरे रहें तो इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इंजीनियरिंग शाखा को निर्देश दिए कि कार्य आवंटन से पूर्व एजेंसियों की क्षमता, संसाधनों और कार्य निष्पादन की समीक्षा अवश्य की जाए। गुणवत्ता और समयसीमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार दोनों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मानसून से पहले पूरे हों सड़क, सीवर और ड्रेनेज कार्य
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क, सीवर, ड्रेनेज एवं अन्य निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। किसी भी मुख्य सड़क या कॉलोनी में लंबे समय तक खुदाई की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों के कारण नागरिकों को जलभराव, कीचड़ और आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए अधिकारी नियमित निरीक्षण कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराएं।
राजस्व बढ़ा है तो विकास भी दिखना चाहिए
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि नगर निगम के राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बढ़े हुए राजस्व का लाभ शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया।
366 करोड़ रुपये से बदलेगी बादशाहपुर की तस्वीर
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि विभिन्न वार्डों में लगभग 366 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराएं जा रहे हैं। इनमें आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालय एवं नॉलेज सेंटर, नई सड़कें, सीवर एवं पेयजल नेटवर्क का विस्तार, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, सामुदायिक केंद्र, खेल सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक आधारभूत परियोजनाएं शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर इन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए।
28 तालाबों के पुनर्जीवन पर विशेष फोकस
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम ने प्रथम चरण में 28 प्राथमिकता वाले तालाबों के पुनर्जीवन एवं संरक्षण का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाया है। अतिक्रमण हटाने, डी-सिल्टिंग, गहराई बढ़ाने, तटबंधों को मजबूत करने तथा वर्षा जल की निकासी को तालाबों तक पहुंचाने जैसे कार्यों से कई तालाबों की जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब तक 12 तालाबों—कादीपुर, समसपुर, साउथ सिटी-
2, बेगमपुर खटोला, बादशाहपुर, धनवापुर, बसई दादा भैया, सरहौल एवं सुभाष नगर सहित अन्य तालाबों—की डी-वाटरिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नूरपुर झाड़सा, बसई गांव और धनकोट के तालाबों पर कार्य तेजी से जारी है। दूसरे चरण में 52 अन्य तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके तहत पौधारोपण, वॉकिंग ट्रैक, बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, सोलर लाइट, ओपन जिम, गज़ेबो तथा अन्य जनसुविधाएं विकसित कर तालाबों को जल संरक्षण के साथ-साथ आकर्षक सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।