Gurugram News: करोड़ों के फ्लैट, घटिया निर्माण, हादसों से दहशत में रेजिडेंट
बिल्डर सोसायटियों में निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
गुरुग्राम की पॉश सोसायटियों में बालकनी और छत के प्लास्टर गिरने के हादसों ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटिया सामग्री और मेंटेनेंस की कमी के कारण रेजिडेंट्स लगातार दहशत में जी रहे हैं।
गुरुग्राम: गुरुग्राम की पॉश सोसायटियों में बालकनी और छत के प्लास्टर गिरने के हादसों ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटिया सामग्री और मेंटेनेंस की कमी के कारण रेजिडेंट्स लगातार दहशत में जी रहे हैं। प्रशासन से इन परियोजनाओं के थर्ड-पार्टी 'स्ट्रक्चरल ऑडिट' की मांग तेज हो गई है। हाल ही में गुरुग्राम की कई हाउसिंग सोसायटियों में निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं।
दो दिन पहले इंपीरिया एस्फेरा (सेक्टर 37डी जैसी लग्जरी सोसाइटी के टावर-ई के एक फ्लैट की बालकनी का बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन हादसे में टावर का पिलर क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पहले रेजिडेंट्स ने खराब मेंटेनेंस के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। इससे पहले अडानी ऑयस्टर ग्रांडे (सेक्टर 102ए की बी-1 बेसमेंट पार्किंग की छत का भारी प्लास्टर अचानक नीचे खड़ी कारों पर गिर गया। इससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक अन्य मामले में बीपीटीपी एमिस्टोरिया (सेक्टर 102 के एक फ्लैट के छज्जे का प्लास्टर नीचे खेल रहे 7 वर्षीय बच्चे के सिर पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ये हालिया घटनाएं हैं। साल भर सोसायटियों में ऐसे हादसे आम हैं। एक आकलन के अनुसार हर साल ऐसी दो दर्जन से ज्यादा घटनाएं होती हैं।

सुरक्षा और निर्माण पर उठ रहे सवाल
इन हादसों के पीछे घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप है। बिल्डरों द्वारा फ्लैट्स की कीमत करोड़ों रुपये वसूलने के बावजूद, कमज़ोर कंक्रीट और खराब प्लास्टर के इस्तेमाल से इमारतों की मजबूती खतरे में है। रेजिडेंट्स का आरोप है कि शिकायत के बावजूद बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसियां गंभीर कदम नहीं उठातीं।
थर्ड-पार्टी ऑडिट की मांग
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टावर-दर-टावर मरम्मत के बजाय पूरे प्रोजेक्ट का स्वतंत्र 'स्ट्रक्चरल ऑडिट' अनिवार्य करने की मांग हो रही है। इन घटनाओं के बाद नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (डीटीसीपी) ने कुछ मामलों में बिल्डरों को नोटिस जारी कर जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सख्त नियम और निरीक्षण प्रणाली लागू करने की आवश्यकता है।
ये है इस साल प्रमुख हादसे
सेक्टर-37डी स्थित इम्पीरिया एस्फोरा की एक लग्जरी फ्लैट की बालकनी का लेंटर अचानक भरभरा कर गिर गया। इसी महीने सेक्टर-102ए की अडानी ऑयस्टर ग्रांडे सोसाइटी की बेसमेंट पार्किंग में छत का भारी प्लास्टर गिरने से एक कार चकनाचूर हो गई। मई में एंबियंस आइलैंड सोसाइटी में बने एक वाटर बॉडी (तालाब) में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। मार्च में सिधरावली इलाके में निर्माणाधीन सोसाइटी की दीवार गिरने से 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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