Gurugram News: जनता के फीडबैक से तय होगा एसएचओ का प्रदर्शन, हर महीने बनेगा रिपोर्ट कार्ड

अपराध नियंत्रण से लेकर जनसंतुष्टि तक होगी समीक्षा; खराब प्रदर्शन पर बदली जा सकती है थाने की कमान, बेहतर एसएचओ को मिलेगा सम्मान

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शहर के थानों में तैनात थाना प्रभारियों के कामकाज का मूल्यांकन अब सिर्फ अपराध के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। जनता की संतुष्टि और फीडबैक को भी एसएचओ के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। 

गुरुग्राम: शहर के थानों में तैनात थाना प्रभारियों के कामकाज का मूल्यांकन अब सिर्फ अपराध के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। जनता की संतुष्टि और फीडबैक को भी एसएचओ के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। अपराध नियंत्रण, पुलिस के रिस्पांस टाइम, जांच की गुणवत्ता और आमजन की शिकायतों के निस्तारण समेत विभिन्न मानकों पर हर महीने थाना प्रभारियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा।

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पुलिस आयुक्त शिबास कविराज ने गुरुवार को आयोजित क्राइम मीटिंग में अधिकारियों को पुलिसिंग में जवाबदेही और जनसरोकार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले एसएचओ को थाने की जिम्मेदारी से हटाकर दूसरे अधिकारी को कमान सौंपी जा सकती है।

भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार पर एसएचओ भी जवाबदेह:

पुलिस आयुक्त ने कहा कि किसी पुलिसकर्मी पर भ्रष्टाचार या आमजन के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आने पर केवल संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी तय नहीं होगी, बल्कि संबंधित थाना प्रभारी से भी जवाब मांगा जाएगा। पीड़ितों को बेवजह थाने के चक्कर लगवाने या उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

रात में डीसीपी संभालेंगे पेट्रोलिंग की निगरानी:

रात्रिकालीन पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए प्रत्येक रात डीसीपी रैंक के अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे एसीपी स्तर के अधिकारी मौजूद रहेंगे। पीसीआर, ईआरवी, नाकाबंदी, बीट पुलिसिंग और पैदल गश्त को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की दृश्य मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रैफिक नियमों पर भी सख्ती:

बैठक में यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने और यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। पुलिस और ट्रैफिक विभाग के अल्कोहल नाकों पर बॉडी-वॉर्न कैमरों के अनिवार्य इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।

हर माह चुना जाएगा 'बेस्ट एसएचओ':

पुलिस आयुक्त ने बेहतर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की नीति पर भी जोर दिया। पुलिसिंग के प्रदर्शन और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर हर महीने 'बेस्ट एसएचओ ऑफ द मंथ' का चयन किया जाएगा। क्राइम मीटिंग में लंबित मामलों के निस्तारण, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा तस्करी, साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था, रात की पुलिसिंग और आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में डीसीपी, एसीपी, थाना व चौकी प्रभारी, अपराध शाखा के प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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