साइबर अपराधियों पर कड़ा प्रहार, ‘अभेद्य एप’ बना आमजन की सुरक्षा का सशक्त हथियार: एसपी
हर नागरिक तक पहुंचेगा ‘अभेद्य एप’, ठगी करने वालों के मंसूबे होंगे नाकाम ।
हरियाणा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘अभेद्य एप’ के रूप में एक सशक्त पहल शुरू की गई है।
कुरुक्षेत्र। हरियाणा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘अभेद्य एप’ के रूप में एक सशक्त पहल शुरू की गई है। पुलिस महानिदेशक हरियाणा श्री अजय सिंघल द्वारा अभेद्य एप लॉन्च किया गया है। यह एप जहां साइबर अपराधियों के लिए कड़ी चेतावनी साबित हो रहा है। वहीं आमजन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में उभरकर सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी विदेशी नंबरों से कॉल कर लोगों को डराकर, धमकाकर या झांसा देकर ठगी करने का प्रयास करते हैं। ऐसे अपराधियों के खिलाफ ‘अभेद्य एप’ एक प्रभावी हथियार साबित होगा। यह एप संदिग्ध कॉलों की पहचान करने और उनसे बचाव के लिए आमजन को तुरंत सतर्क करता है, जिससे अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिर जाता है। उन्होंने बताया कि ‘अभेद्य एप’ के माध्यम से आमजन को न केवल सुरक्षा मिलती है, बल्कि वे स्वयं भी जागरूक होकर साइबर अपराधों के खिलाफ मजबूत भूमिका निभा सकते हैं। यह पहल नागरिकों और पुलिस के बीच सुरक्षा सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वास्तविक पुलिस अधिकारी फोन पर OTP या पैसे की मांग नहीं करता। किसी भी संदिग्ध कॉल पर घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें, उसकी पुष्टि करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने अपील की कि जिन नागरिकों को लगता है कि वे किसी भी प्रकार की एक्सटॉर्शन कॉल (Extortion Call) या फ्रॉड कॉल के शिकार बन सकते हैं, तो वे अपने नजदीकी थाना या पुलिस कार्यालय में संपर्क कर ‘अभेद्य एप’ का लाभ अवश्य लें।
पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन के कुशल नेतृत्व में जिला में ‘अभेद्य एप’ के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में उप पुलिस अधीक्षक, सभी थाना प्रबंधकों, सीआईए स्टाफ इंचार्ज एवं साइबर सैल को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जन-जागरूकता अभियान को मिशन मोड में संचालित करें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ‘अभेद्य एप’ के प्रचार-प्रसार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए रेडियो, टीवी, सोशल मीडिया, ग्राम चौपाल, स्कूल-कॉलेज एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रभावी उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस एप से जुड़ सकें।




