ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगी ऑनलाइन जनगणना प्रक्रिया
30 अप्रैल 2026 तक चलेगी स्व-गणना प्रक्रिया, नागरिक ऑनलाइन भर सकेंगे जनगणना विवरण, मई में होगी घर-घर सत्यापन प्रक्रिया
उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि हरियाणा राज्य में स्व-गणना आगामी 30 अप्रैल 2026 तक संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वयं अपनी 'स्व-गणना' कर इस विशेष पहल में भाग ले चुके है।
फरीदाबाद। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि हरियाणा राज्य में स्व-गणना आगामी 30 अप्रैल 2026 तक संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वयं अपनी 'स्व-गणना' कर इस विशेष पहल में भाग ले चुके है। उन्होंने कहा कि नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, जो डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पश्चात 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य संपन्न किया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि नागरिक इसे मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर के माध्यम से कहीं से भी उपयोग कर सकेंगे। पंजीकरण के दौरान नागरिकों को मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करना होगा, डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करना होगा तथा परिवार के सभी सदस्यों, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। जानकारी जमा करने के बाद उन्हें एक यूनिक SE ID प्रदान की जाएगी, जिसका उपयोग बाद में गणनाकर्मियों द्वारा सत्यापन के समय किया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि स्व-गणना प्रपत्र में लगभग 33 प्रश्न शामिल होंगे, जिनमें परिवार के सदस्यों का विवरण, मकान का प्रकार (ग्रामीण/शहरी), पेयजल, बिजली, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा एवं सामाजिक-आर्थिक जानकारी तथा मोबाइल नंबर (अनिवार्य) शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं होगी और यह शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए समान रूप से लागू है। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना में इंटरनेट एवं स्मार्टफोन के उपयोग, टीवी, रेडियो, कंप्यूटर/लैपटॉप और वाहन (साइकिल, मोटरसाइकिल, कार) जैसी आधुनिक सुविधाओं से संबंधित जानकारी भी शामिल की जाएगी, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी और जीवन स्तर का अधिक सटीक आकलन संभव हो सकेगा।
डीसी ने जिला के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आगामी 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि राज्य की बेहतर योजना निर्माण, सेवा वितरण में सुधार और समग्र विकास को गति दी जा सके।




