Narnaul News: इंटरनेट या वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' का कोई कानून नहीं, ठगों से रहें सतर्क: एसपी दीपक कुमार
जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने नागरिकों को सचेत करते हुए स्पष्ट किया है कि कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं है।
नारनौल: जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने नागरिकों को सचेत करते हुए स्पष्ट किया है कि कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं है। किसी भी सरकारी एजेंसी के पास फोन या वीडियो कॉल के जरिए किसी को घर बैठे गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। साइबर ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या कस्टम अधिकारी बताकर, संदिग्ध पार्सल या मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। वे फर्जी वर्दी, आईडी और सरकारी दफ्तर जैसा बैकग्राउंड दिखाकर मानसिक दबाव बनाते हैं।

एसपी ने अपील की है कि ऐसी कॉल आने पर घबराएं नहीं, तुरंत कॉल काटें और स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें। किसी से भी ओटीपी, बैंक डिटेल या स्क्रीन एक्सेस साझा न करें। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने 'डबल ओटीपी प्रणाली' और अज्ञात कॉल्स से बचने के लिए 'अभेद्य' ऐप की शुरुआत की है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 या डायल 112 पर सूचना दें।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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