Nuh Mewat/ Firozpur Jhirka News: नपा प्रशासन ने पुलिसबल की सहायता से उठवाया कूड़ा, बिफरे हड़ताली कर्मचारी
पिछले 28 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के कर्मचारी।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 28 दिनों से हड़ताल पर चल रहे नगर पालिका कर्मचारियों के बीच मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब नगर पालिका प्रशासन ने पुलिसबल की सहायता से शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर उठवाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
फिरोजपुर झिरका: नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 28 दिनों से हड़ताल पर चल रहे नगर पालिका कर्मचारियों के बीच मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब नगर पालिका प्रशासन ने पुलिसबल की सहायता से शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर उठवाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
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प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही हड़ताली कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने कूड़ा उठाने का विरोध किया। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों और नगर पालिका प्रशासन के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
हड़ताली कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे मुकेश चावरिया का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों का समाधान करने के बजाय हड़ताल को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, नगर पालिका प्रशासन का कहना था कि शहर में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं। इससे आम लोगों को परेशानी के साथ-साथ बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा के बीच कूड़ा उठवाने की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान काफी देर तक हड़ताली कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बहस होती रही। पुलिसबल की मौजूदगी में नगर पालिका की ओर से कूड़ा उठाने का काम जारी रखा गया। घटना के बाद हड़ताली कर्मचारियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, शहरवासियों ने भी प्रशासन और कर्मचारियों से बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालने की मांग की, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य हो सके।




