Kaithal/ Gulha Cheeka News: अभय चौटाला का बयान राजनीतिक हताशा और बौखलाहट का परिचायक: राजकमल ढांडा
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का अपमान, पूरे समाज का अपमान
पूर्व संयोजक खेल प्रकोष्ठ भाजपा जिला कैथल राजकमल ढांडा ने इनैलो सुप्रीमो अभय चौटाला द्वारा प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल के खिलाफ खिलाफ की गई अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अभय चौटाला का बड़बोला व ओछा कदम बताया है। ढांडा आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए भाषा में मर्यादा, शालीनता और सम्मान का होना अत्यंत आवश्यक है।
गुहला चीका: पूर्व संयोजक खेल प्रकोष्ठ भाजपा जिला कैथल राजकमल ढांडा ने इनैलो सुप्रीमो अभय चौटाला द्वारा प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल के खिलाफ खिलाफ की गई अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अभय चौटाला का बड़बोला व ओछा कदम बताया है। ढांडा आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए भाषा में मर्यादा, शालीनता और सम्मान का होना अत्यंत आवश्यक है।

भाजपा नेता ने कहा कि मंंत्री महिपाल ने सदैव समाज को साथ लेकर चलने, युवाओं को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध करवाने तथा हर वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए कार्य किया है। ऐसे जनप्रतिनिधि के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग न केवल अनुचित है, बल्कि यह राजनीतिक संवाद के गिरते स्तर को भी दर्शाता है। उन्होंने अभय चौटाला को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में किसी भी जनप्रतिनिधि का सम्मान केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान से भी जुड़ा होता है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर अमर्यादित टिप्पणी करना किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
ढांडा ने कहा कि लगातार नकारात्मक और व्यक्तिगत बयानबाजी से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। यदि किसी नेता को अपनी राजनीतिक बात जनता के सामने रखनी है, तो उसे विकास, जनहित और नीतिगत मुद्दों पर सकारात्मक बहस करनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों के माध्यम से राजनीतिक वातावरण को दूषित करना चाहिए। उन्होंने अभय चौटाला से मांग की कि वे अपने अमर्यादित बयान को तत्काल वापस लें और सार्वजनिक जीवन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करें। उन्होंने कहा कि वे यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि समाज किसी व्यक्ति विशेष की बपौती नहीं है। समाज के हर वर्ग और हर सम्मानित जनप्रतिनिधि की गरिमा का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन मर्यादा और सम्मान लोकतांत्रिक संस्कृति की पहचान हैं




