भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी, जिले में अलर्ट—उपायुक्त अखिल पिलानी*
हीट वेव के खतरे को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थान अलर्ट, आमजन को सतर्क रहने की अपील
हरियाणा में बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के तहत जिला नूंह में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
नूंह: हरियाणा में बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के तहत जिला नूंह में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि जिला प्रशासन ने आमजन को गर्मी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखने तथा सभी स्तरों पर प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि सामान्य से अधिक तापमान की संभावना को देखते हुए जिले को अलर्ट मोड पर रखा गया है और हीट-हेल्थ एक्शन प्लान को सख्ती से लागू किया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य फोकस तैयारियों को मजबूत करने, समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने और गर्मी से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने पर है।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीट से संबंधित बीमारियों की रोजाना निगरानी और रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को समयबद्ध और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही, मौसम विभाग के हीट वेव अलर्ट भी नियमित रूप से साझा किए जा रहे हैं।
जिले के सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों, ओआरएस, आईवी फ्लूड और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए विशेष हीटस्ट्रोक प्रबंधन व्यवस्था तैयार की गई है तथा एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है।
उपायुक्त ने बताया कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को हीट से जुड़ी बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए प्रशिक्षित किया गया है। अस्पतालों में बिजली, पेयजल, कूलिंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फायर सेफ्टी ऑडिट और मॉक ड्रिल भी कराई जा रही हैं।
आमजन के लिए सावधानियां:
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे गर्मी से बचाव के लिए सरल उपाय अपनाएं। अधिक मात्रा में पानी पिएं, ओआरएस या घर के बने पेय जैसे नींबू पानी, लस्सी और ताजे फलों का जूस लें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें और छायादार स्थानों पर रहें।
उन्होंने कहा कि शराब, चाय, कॉफी और ज्यादा मीठे या कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं। बासी और भारी भोजन से परहेज करें तथा बच्चों और पालतू जानवरों को बंद गाड़ियों में न छोड़ें।
संवेदनशील वर्गों पर विशेष ध्यान:
उपायुक्त ने शिशुओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बाहरी कार्य करने वाले श्रमिकों और बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल करने की अपील की। अकेले रहने वाले बुजुर्गों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कार्यस्थलों व आयोजनों के लिए निर्देश:
नियोक्ताओं को श्रमिकों के लिए पेयजल और छायादार विश्राम स्थल उपलब्ध कराने, काम का समय सुबह या शाम के ठंडे समय में निर्धारित करने तथा ‘बडी सिस्टम’ अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सार्वजनिक और निजी आयोजनों में गर्मी के दौरान आवश्यक सुविधाएं जैसे पानी, छाया और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अंत में उपायुक्त अखिल पिलानी ने नागरिकों से अपील की कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और चक्कर आना, अत्यधिक प्यास, कमजोरी या हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

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